महादलित मिशन घोटाला : IAS कुमार रवि मनु भाई परमार के खिलाफ अब परियोजना प्रबंधक ने दर्ज कराया बयान

महादलित मिशन घोटाला : IAS कुमार रवि मनु भाई परमार के खिलाफ अब परियोजना प्रबंधक ने दर्ज कराया बयान

NEWS4NATION DESK : बिहार विकास महादलित मिशन घोटाले में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कुमार रवि मनु भाई परमार की परेशानी दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। एक कर्मचारी के बाद अब परियोजना प्रबंदक संजय देव ने बयान दर्ज कराया है। 

राज्य परियोजना प्रबंधक संजय देव ने कोर्ट के समक्ष 164 के बयान में यह स्वीकार किया कि वर्ष 2009 में मैं एसपीएम एमआईएस के रूप में बिहार महादलित मिशन में योगदान दिया था। सन 2010 में तत्कालीन निदेशक बी राजेंद्र के बेतिया डीएम के रूप में स्थानांतरण के बाद तत्कालीन मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी रवि मनु भाई परमार के रूप में कार्यरत थे। उस समय ऐसा लग रहा था कि महादलित मिशन केवल आईआईआईएम के लिए कार्य कर रहा था। 

संजय देव ने कहा है कि एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट टू में आईआईआईएम का सिलेक्शन नहीं होने के कारण mi3 प्रकाशित किया गया तथा ओआई टू को अकारण बंद कर दिया गया। पियो I3 में भी आईआईआई एम का सिलेक्शन नहीं होने के कारण गलत ढंग से आईआईआईएम का भी सिलेक्शन परीक्षा के लिए कर लिया गया, परंतु आईआईआईएम के द्वारा परीक्षा ऑनलाइन एक्जाम फॉर एमएस ऑफिस नहीं कराने के बाद भी इकरारनामा की शर्तों के विरुद्ध भी सरकारी राशि का भुगतान कर दिया गया। 

बयान में कहा गया है कि भुगतान तत्कालीन आईसीसीयू रवि मनु भाई परमार के द्वारा किये गये इस भुगतान के विरुद्ध ऑडिट ऑब्जेक्शन भी हुआ इसी बीच में आई आई आई एम संस्थान का सिलेक्शन रेडियो डिस्ट्रीब्यूशन के लिए भी कर लिया गया। वहीं रवि मनु भाई परमार क्या स्थानांतरण के बाद भी एसएम राजू महादलित विकास मिशन के सीईओ बने इनके द्वारा ऑडिट ऑब्जेक्शन के आधार पर आईआईआईएम का पुनः सिलेक्शन प्रकाशित कर किया गया।

ओआई प्रकाशन के बाद भी पहले से प्राप्त कर या देश के आधार पर कार्य करने के बाद भी आईआईआईएम को भुगतान करने का आदेश दिया गया एवं नया कार्यालय स्कूल 15200 विद्यार्थियों के लिए दिया गया इसके भुगतान के लिए एक रार नामा में अनेक परिवर्तन किए गए सर्वप्रथम प्रशिक्षण एजेंसी से सूची प्राप्त करने की शर्त को हटाया गया फिर प्रथम किस्त की राशि 30% को बढ़ाकर 70% कर दिया गया इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए इन परिवर्तनों के आधार पर के पी रमैया आईएएस के कार्यकाल में प्रशिक्षण प्राप्त करें विद्यार्थी से अधिक विद्यार्थियों की परीक्षा करने के नाम पर भुगतान संभव हो पाया। 

परियोजना प्रबंधक ने बयान में कहा है कि राजू के सीईओ बनने के बाद एजेंसी को राशि भुगतान करने का दबाव उच्च अधिकारी एजेंसी के प्रतिनिधि यथा शरद झा बीरबल झा निखिल इत्यादि द्वारा बनाया जाने लगा। इन लोगों के द्वारा मुझे धमकी भी दी जाती थी एवं झूठा फंसाने की बात कही जाती थी।

उल्लेखनीय है कि बिहार विकास महादलित मिशन में करोड़ों का घोटाला उजागर होने के बाद बिहार के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रवि मनु भाई परमार इस मामले में सीधे तौर पर संलिप्त दिखाई दे रहे हैं वही सरकार अब तक इस आईएस को बगैर सस्पेंड किए उन्हें अपनी नाक का बाल बनाए बैठी है हालांकि मामला पटना के निगरानी कोर्ट में चल रहा है साथी रवि मनु भाई परमार की विशेष भूमिका पर भी 164 का बयान गवाहों के द्वारा होने वाला है निगरानी की वकील आनंदी सिंह की माने तो तमाम नियमों को ताक पर रखकर एजेंसी को काम सौंप दिया गया था पूर्व से कार्यरत एजेंसी को सिर्फ दरकिनार ही नहीं किया गया बल्कि उसकी पेमेंट को लेकर भी काफी पेरशान किया गया। ये सबकुछ रवि मनु भाई परमार के इशारे पर हुआ। 

कुंदन की रिपोर्ट

Find Us on Facebook

Trending News