मोदी राज में एक और बदलाव: गणतंत्र दिवस पर महात्मा गाँधी की पसंदीदा धुन बजने पर संशय, पाकिस्तान समर्थक इक़बाल का गीत हुआ शामिल

मोदी राज में एक और बदलाव: गणतंत्र दिवस पर महात्मा गाँधी की पसंदीदा धुन बजने पर संशय, पाकिस्तान समर्थक इक़बाल का गीत हुआ शामिल

दिल्ली. गणतंत्र दिवस के 'बीटिंग रिट्रीट' समारोह में बड़ा बदलाव होने की बात कही जा रही है. 'बीटिंग रिट्रीट' यानी गणतंत्र दिवस के समापन समारोह में इस बार बापू की पसंदीदा ईसाई स्तुति गीतों में से एक 'अबाइड विद मी' की धुन को नहीं बजाया जाएगा. उसकी जगह मशहूर शायर और पाकिस्तान बनने के समर्थक रहे इक़बाल लिखित गीत ‘सारे जहां’ से अच्छा’ को शामिल किया गया है. हालाँकि इसे लेकर दो तरह ही राय आ रही है और सेना की ओर से कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है. 

‘‘अबाइड विद मी’’ धुन स्कॉटलैंड के एंग्लिकन कवि हेनरी फ्रांसिस लाइट द्वारा 1847 में तैयार की गई थी. ये धुन 1950 से बीटिंग रिट्रीट समारोह का हिस्सा रही है. ये धुन सदियों पुरानी सैन्य परंपरा का हिस्सा है. पुराने दौर में जब युद्ध के दौरान सूर्यास्त के समय ये बिगुल की धुन बजती थी तो सैनिक लड़ाई बंद कर युद्ध के मैदान से हट जाते थे. बापू को इसी कारण यह धुन पसंद थी. गणतंत्र दिवस के 'बीटिंग रिट्रीट' समारोह में भी इसे शामिल करने के पीछे मूल अवधारणा सैनिकों के युद्ध मैदान से हटना ही था. 

हालाँकि भारतीय सेना द्वारा शनिवार को 'बीटिंग रिट्रीट' समारोह को लेकर जारी एक विवरण पुस्तिका में  इस बार 'अबाइड विद मी' की धुन का जिक्र नहीं है. उसकी जगह गीत ‘सारे जहां’ से अच्छा’ से समापन समारोह करने का जिक्र है. इसे लेकर अब देश की राजनीति भी गरमा गई है. 

कांग्रेस ने इसे बापू का अपमान करार दिया है. कांग्रेस की ओर से भाजपा पर राष्ट्रपिता से जुड़ी स्मृतियों को सिलसिलेवार तरीके से समाप्त करने का आरोप लगाया गया है. कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने ट्वीट किया, ''इस समय गांधी जी और उनके हत्यारे नाथूराम गोडसे के विचारों को मानने वालों के बीच ‘वैचारिक युद्ध’ चल रहा है. मौजूदा समय में केंद्र में जो सरकार है वह गोडसे के विचारों को मानने वाली है. वह गांधी जी के खिलाफ टिप्पणी करने वालों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं करती.’’

कांग्रेस की पार्टी प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने ट्वीट कर हमला बोला, ‘‘महात्मा गांधी के पसंदीदा स्तुति गीत को इस बार के बीटिंग रिट्रीट समारोह से हटा दिया गया. यह बापू की विरासत को मिटाने का बीजेपी सरकार का एक और प्रयास है. गांधी जी के खिलाफ टिप्पणी करने वाली साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. यह बीजेपी का गोडसे प्रेम है.’’ यानी धुन की लड़ाई अब विचारधारा पर आ गई है.

हालाँकि बीजेपी का कहना है कि अबाइड विद मी की जगह सारे जहां अच्छा धुन को बिटिंग द रिट्रीट के कार्यक्रम में सूचीबद्ध किया गया है और कांग्रेस के आरोप बेबुनियाद है. इस बीच सूत्रों का कहना है कि 29 जनवरी को बीटिंग द रिट्रीट समारोह में महात्मा गांधी के प्रिय भजनों में से  ‘एबाइड विद मी’ को शामिल किया जा सकता है. सैन्य बल इसका भी अभ्यास कर रहे हैं. न सिर्फ यह भजन बल्कि वंदे मातरम और सारे जहां से अच्छा भी उस दिन बजेगा. 



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