मैदान में अकेले खड़े दिखे उपेन्द्र कुशवाहा, क्या महागठबंधन से किनारे लगाए जा रहे RLSP सुप्रीमो, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

मैदान में अकेले खड़े दिखे उपेन्द्र कुशवाहा, क्या महागठबंधन से किनारे लगाए जा रहे RLSP सुप्रीमो, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

PATNA: क्या महागठबंधन के भीतर की गांठ सुलझने की बजाए और उलझती जा रही है? क्या महागठबंधन के अंदर ही अलग गठबंधन बन रहा? क्या उपेन्द्र कुशवाहा को दरकिनार कर दिया गया है? ये तमाम सवाल तब खड़े हो गए जब महागठबंधन के मजबूत साथी उपेन्द्र कुशवाहा अपने नामांकन और उसके बाद की सभा के दौरान मैदान में अकेले खड़ा दिखे.

दरअसल महागठबंधन के घटक दल आरएलएसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा मंगलवार को उजियारपुर लोकसभा क्षेत्र से नामांकन के बाद समस्तीपुर में सभा कर रहे थे लेकिन कार्यक्रम में मजबूती दिखाने के लिए महागठबंधन का कोई बड़ा नेता मौजूद नहीं था. कुशवाहा के कार्यक्रम में न तेजस्वी यादव आए और उनके परम मित्र और वीआईपी के अध्यक्ष मुकेश सहनी. हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सीएम जीतनराम मांझी भी कुशवाहा के नामांकन कार्यक्रम मे नहीं आए. हालांकि नामांकन में नहीं आने के सबके अलग-अलग कारण थे. तेजस्वी यादव की अचानक एक दिन के लिए तबीयत खराब हो जाती है. वहीं जीतनराम मांझी के क्षेत्र में राहुल गांधी का कार्यक्रम था. कुशवाहा को साथ देने आए तो सिर्फ शरद यादव और कांग्रेस राज्य सभा सांसद डा. अखिलेश प्रसाद सिंह.

तेजस्वी को बीमार बताया गया

बताया जाता है कि तेजस्वी यादव कुशवाहा के कार्यक्रम में जाने वाले थे. लेकिन अचानक उनकी तबीयत खराब हो गयी और उन्होंने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया. हालांकि जिस दिन कुशवाहा का नामांकन था उसी दिन तेजस्वी की तबीयत खराब हुई और अगले दिन यानि बुधवार को वे पूरी तरह से ठीक हो गए. तेजस्वी आज अपने निर्धारित कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं. जानकार सूत्र बताते हैं कि महागठबंधन के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा. टिकट बंटवारे को लेकर रिश्तों में पड़ा गांठ और भी उलझते जा रहा है. बताया जाता है कि टिकट बंटवारे में उपेन्द्र कुशवाहा के साथ महागठबंधन के बाकी नेताओं के बीच रिश्तों में आई खटास का असर ये हुआ है कि उनके नामांकन में बड़े नेताओं ने अपने आप को अलग कर लिया. महागठबंधन के उम्मीदवार की घोषणा के समय से ही उपेन्द्र कुशवाहा अलग दिखने लगे थे. तेजस्वी ने राजद-हम और वीआईपी के उम्मीदवारों की घोषणा तो की थी. लेकिन उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी के उम्मीदवारों के नाम की घोषणा से अपने आप को अलग कर लिया था. बताया जाता है कि अंदरखाने में तेजस्वी और उपेन्द्र कुशवाहा के बीच दरार बड़ी हो गयी है.

महागठबंधन के भीतर गठबंधन बनने की चर्चा

खबर यह है कि टिकट बंटवारे के दौरान उपेन्द्र कुशवाहा कांग्रेस के नजदीक आ गए हैं. सूत्र बताते हैं कि सीट बंटवारे में कांग्रेस को अंडरस्टीमिट कर सिंगिल डिजिट में समेटने की वजह से पार्टी तेजस्वी से खार खायी हुई है. खबर है कि कांग्रेस आने वाले दिनों में उपेन्द्र कुशवाहा को आगे कर बिहार की राजनीति शुरू कर सकती है. इसके लिए प्लेटफार्म भी तैयार किया जा रहा है. इसीलिए कुशवाहा को मजबूती देने को लेकर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह उनके नामांकन के बाद कार्यक्रम में मौजूद थे. हालांकि थोड़ी देर के लिए शरद यादव भी आए थे. बताया जाता है कि कुशवाहा की कांग्रेस से बढ़ती नजदीकी से तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी चौकन्ना है. लिहाजा लालू खेमा कुशवाहा का हर खेल को बिगाड़ने की ताक में लगा है.

कुशवाहा की सभा के बाद समस्तीपुर में चर्चा तेज

उपेन्द्र कुशवाहा की नामांकन के बाद जनसभा में जब कोई बड़ा नेता भाग नहीं लिया. इसके बाद मंच पर बैठे कई नेता भी तेजस्वी सहित अन्य नेताओं के नहीं आने पर चर्चा करने लगे. बताया जाता है कि उपेन्द्र कुशवाहा के कार्यक्रम के बाद जिले में चर्चा तेज है कि क्या गठबंधन के बड़े घटक दल के नेताओं ने अपने आप को कुशवाहा से किनारा कर लिया है?

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