जेलर साहब! अपना जेल संभाले, आपके कैदियों के पास मिला है मोबाइल फोन, मीडिया को काम की न दें सीख

जेलर साहब! अपना जेल संभाले, आपके कैदियों के पास मिला है मोबाइल फोन, मीडिया को काम की न दें सीख

GOPALGANJ. जिले के मंडल कारा के अधीक्षक का एक ऑडियो क्लिप सामने आया है, जिसमें वह एक दैनिक अखबार को रिपोर्टर को यह सीख दे रहे हैं कि आप प्रिंट मीडिया के लिए काम करते हैं, आपका काम बाइट लेना नहीं है। आज के बाद आप बाइट लेंगें तो हम आपको इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के रिपोर्टर की तरह ही ट्रीट करेंगे। अब यह ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। जिसमें वह कहते सुने जा सकते हैं कि वह वीडियो किसी चैनल पर प्रसारित नहीं होना चाहिए।

दरअसल, जेल अधीक्षक की नाराजगी का कारण बुधवार को जेल में हुई छापेमारी है।  सूबे के सभी मंडल कारा की तरह पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों द्वारा गोपालगंज में छापेमारी की गी। जहां जिलाधिकारी और एसपी सहित अधिकारियों की टीम पहुंची थी। इस दौरान जेल के बैरकों में तलाशी के दौरान पुलिस ने एक कैदी के पास से मोबाइल फोन और पेन ड्राइव बरामद किया था। इस कार्रवाई को लेकर जेल परिसर के बाहर एक हिन्दी दैनिक के संवाददाता ने जिले के डीएम डा. नवल किशोर का वीडियो बाइट लिया। बस यही बात जेल अधीक्षक को चुभ गई। मंडल कारा चनावे के अधीक्षक अमित कुमार को हजम नहीं हुआ और उन्होंने दैनिक अखबार के पत्रकार को फोन करके खबर को नहीं चलाने की नसीहत दे डाली। उन्होंने संबंधित रिपोर्टर को साफ कह दिया की यह बाइट किसी चैनल पर प्रसारित नहीं होना चाहिए।

जेल को देखिए जेलर साहब

जहां एक तरफ केंद्र सरकार और राज्य सरकार देश के चौथे स्तंभ के स्वतंत्र होने की तमाम बातें कह रही है वहीं यह ऑडियो और गोपालगंज चनावे मंडल कारा अधीक्षक के नसीहत तमाम सरकार के दावों का पोल खोल रही है। बिहार के नीतीश सरकार में चौथा स्तंभ भी स्वतंत्र नहीं है खबर कैसे चलेगा किस तरह चलेगा कौन खबर चलेगा कौन नहीं चलेगा इसका सारा निर्णय अमित कुमार जैसे अधिकारी करेंगे अब देखने वाली बात यह है की केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार क्या कोई कार्रवाई करती है या जांच की बात कह कर मामले  को रफा दफा करती है। हम तो यही कहेंगे कि आपकी जिम्मेदारी पहले जेल के बेहतर संचालन की है, वहां मोबाइल और पेन ड्राइव न पहुंचे, इसके लिए अपने संतरियों पर लगाम लगाएं

Find Us on Facebook

Trending News