मांझी-सहनी की प्रेशर पॉलिटिक्स! जीतन मांझी से मुलाकात के बाद मुकेश सहनी बोले- सरकार पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाये

  मांझी-सहनी की प्रेशर पॉलिटिक्स! जीतन मांझी से मुलाकात के बाद मुकेश सहनी बोले- सरकार पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाये

PATNA: बिहार में पंचायती राज व्यवस्था का कार्यकाल 15 जून को खत्म हो रहा है। कोरोना संकट की वजह से समय पर चुनाव नहीं हो सका। लिहाजा राज्य सरकार अब पंचायतों की व्यवस्था अफसरों के हाथ देने  व अन्य विकल्पों पर विचार कर रही है।अब सत्ता पक्ष और विपक्ष की तरफ से लगातार यह मांग की जाने लगी है कि पंचायतों के कार्यकाल को बढ़ाया जाए। सबसे पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश से पंचायतों के कार्यकाल को बढ़ाने की मांग की। अब तो सत्ता पक्ष की तरफ से जोरशोर से समय बढ़ाने की मांग उठने लगी है। इस मुद्दे पर तो सरकार में सहयोगी मांझी और मुकेश सहनी साथ-साथ आकर सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर दबाव बनाने की कोशिश शुरू कर दी है। 

मांझी-सहनी साथ-साथ 

नीतीश कैबिनेट में मंत्री मुकेश सहनी ने आज NDA के सहयोगी एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी से मुलाक़ात की। दोनों के बीच मुलाकत में विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। पशुपालन मंत्री मुकेश सहनी ने कहा कि डिजिटल सिग्नेचर के वजह से काफ़ी पंचायत में कार्य प्रभावित हो रहा है, ऐसे में यदि पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यकाल को नहीं बढ़ाया गया तो विकास कार्य प्रभावित हो सकता है। ऐसे में सरकार को पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल जब तक चुनाव की अधिसूचना जारी नहीं होती तब तक के लिए बढ़ाया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री जी 6 महीना के लिए बढ़ायें कार्यकाल

पुर्व सीएम जीतन राम माँझी जी ने भी शुक्रवार को ट्वीट कर कहा था कि कई बार आपातकाल के दौरान लोकसभा के कार्यकाल को संविधान के आर्टिकल 352 के तहत बढ़ा दिया गया।कोरोना के आपात संकट को ध्यान रखते हुए नीतीश कुमार से आग्रह है कि पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल कम से कम 6 माह के लिए बढ़ा दिया जाए जिससे ग्रामीण इलाक़े का विकास कार्य चलता रहे

रामकृपाल यादव ने भी सीएम नीतीश से किया था आग्रह

बीजेपी सांसद रामकृपाल यादव ने 27 मई को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया था कि पंचायतों का कार्यकाल जो 15 जून को खत्म हो रहा है उसे बढ़ाई जाए। अफसरों के हाथ में पंचायतों की व्यवस्था देना उचित नहीं। बीजेपी सांसद के बाद अब नीतीश कुमार के सहयोगी पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने भी बड़ी मांग कर दी है। उन्होंने कम से कम छह माह का अवधि विस्तार देने की मांग की है।


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