CM नीतीश की 'भद्द' पिटवाने वाले सहनी की खूब तारीफ कर रहे 'मांझी', CM रहते मांझी ने भी तो ऐसा ही किया था काम जिससे मच गया था बवाल

CM नीतीश की 'भद्द' पिटवाने वाले सहनी की खूब तारीफ कर रहे 'मांझी', CM रहते मांझी ने भी तो ऐसा ही किया था काम जिससे मच गया था बवाल

PATNA: बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में करारी हार झेल चुके और नीतीश कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ लेने के बाद विधान पार्षद बने मुकेश सहनी ने भाई को अपनी जगह मंत्री बनाकर भेजना शुरू कर दिया। मुकेश सहनी पटना में मंत्री बन बैठे थे और हमशक्ल भाई को फिल्ड में मंत्री बनाकर भेज रहे थे। मामला सामने आने के बाद मुकेश सहनी के साथ-साथ सीएम नीतीश की भारी किरकिरी हो रही है। मंत्री सहनी ने सीधे मुख्यमंत्री की भद्द पिटवा दी है।  विपक्ष मंत्री के साथ-साथ मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है। मुकेश सहनी की करनी का सत्ता पक्ष भी खुल कर बचाव नहीं कर पा रहा। खुद मुख्यमंत्री ने कह दिया कि किसी मंत्री को यह अधिकार नहीं कि वो सरकारी कार्यक्रम में अपनी जगह परिवार या पार्टी के किसी नेता को भेजे। लेकिन पूर्व सीएम और एनडीए के सहयोगी जीतनराम मांझी को इसमें गलत नहीं दिखता। आखिर उन्हें गलत दिखे भी तो कैसे? मुख्यमंत्री रहते उन्होंने भी तो ऐसा ही काम किया था। खुलासे के बाद मांझी ने कहा था कि हमनेनहीं बल्कि कैबिनेट सेक्रेटारियट की गलती से हमारा दामाद मुख्यमंत्री का पीए बन गया। 

मुख्यमंत्री रहते मांझी ने अपने दामाद को बनाया था CM का पीए 

2014 लोकसभा चुनाव में जेडीयू को मिली करारी हार के बाद नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। मुख्यमंत्री कैबिनेट के सहयोगी जीतनराम मांझी को अपना उत्तराधिकारी बना मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठा दिया था। मांझी 20 मई 2014 को बिहार के 23 वें मुख्यमंत्री बन गए। इसके बाद जीतनराम मांझी ने अपने दामाद देवेन्द्र मांझी को अपना यानी मुख्यमंत्री का PA बना लिया। कुछ दिनों तक तो मामले का खुलासा नहीं हुआ। लेकिन नवंबर 2014 के पहले हफ्ते में ही मांझी का भांडा फूट गया और हकीकत सामने आ गई। इस तरह से तत्कालीन सीएम मांझी की पोल-पट्टी खुल गई। 

मांझी की हुई भारी बेइज्जती तब जाकर दामाद को हटाया था

सरकार का स्पष्ट आदेश है कि कोई भी मंत्री या खुद मुख्यमंत्री  भी अपने खास रिश्तेदार को पीए नहीं बना सकते। वर्ष 2000 में ही राबड़ी देवी के शासनकाल में यह नियम बना था। यही नियम 2014 में मांझी के गले की फांस बन गई और इसमें बिहार के मुख्यमंत्री ही फंस गये। मामले का खुलासा होने के बाद बिहार में राजनीतिक बवाल बढ़ गया। विवाद बढ़ता देख तत्कालीन सीएम मांझी को मजबूर होकर मुख्यमंत्री के पर्सनल असिस्टेंट पद से दामाद देवेन्द्र मांझी को हटाना पड़ा था। दामाद प्रेम की वजह से तत्कालीन मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की भारी बेइज्जती हुई थी।

CM नीतीश का भद्द पिटवाने वाले सहनी के पक्ष में खड़े हुए मांझी

मुकेश सहनी की करनी की पोल खुलने के बाद खुद मुख्यमंत्री ने मंत्री से सफाई मांगी. सहनी ने मुख्यमंत्री के सामने गलती स्वीकार की और कहा कि अनजाने में यह बात हुई है। खुद मुख्यमंत्री ने मीडिया में कहा कि उन्होंने अनजाने में गलती कर दी,ऐसा नहीं होना चाहिए था। हालांकि मुकेश सहनी ने अपने भाई को मंत्री की हैसियत में सिर्फ हाजीपुर ही नहीं बल्कि 6 जिलों के सरकारी कार्यक्रम में अपना प्रतिनिधि बनाकार भेजा। मंत्री ने धौंस दिखा कर अपने भाई से लाभुकों के बीच अधिकारियों की मौजूदगी में सरकारी योजनाओं का वितरण भी कराया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शनिवार को इसका खुलासा भी किया था । उन्होंने बताया था कि मंत्री के भाई कई जिलों में जाकर सरकारी कार्यक्रम में शामिल हुए। तेजस्वी के तल्ख तेवर से सत्ताधारी जेडीयू-बीजेपी बैकफुट पर है। वहीं एनडीए की सहयोगी हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सीएम जिन्होंने मुख्यमंत्री रहते अपने दामाद को पीए बना लिया था वे खुलकर सहनी के समर्थन में उतर गये हैं। उन्होंने कहा कि हद हो गई राजनीति की, कोई मछली बेचने वाले निषाद परिवार का बच्चा अपने मेहनत से मंत्री बन गया तो सूबे के तथाकथित राज परिवार के लोगों के पेट में दर्द होने लगा है। मंत्री होकर भी अपनी गलती के लिए माफ़ी माँगने वाले मुकेश सहनी तारीफ के काबिल हैं। पूरा बिहार सन आफ मल्लाह के साथ है। 




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