हमारे मंत्री जी जवान हैं, मोबाइल में डाउनलोड कर लिया 'हम साथी'...बस क्या था.......

हमारे मंत्री जी जवान हैं, मोबाइल में डाउनलोड कर लिया 'हम साथी'...बस क्या था.......

PATNA: हमारे मंत्री जी भी जवान हैं इन्होंने भी अपने मोबाइल में हम साथी मोबाईल एप्प को डाउनलोड कर लिया है। अनाउंसर द्वारा इस उदघोषणा के साथ हीं वहां मौजूद लड़के –लड़कियां हंसने लगीं। इतना हीं मंच पर मौजूद सभी अतिथि भी हंसने लगे।खुद मंत्री जी भी अपनी हंसी रोक न सके।यह वाकया बिहार राज्य एड्स कंट्रोल सोसाईटी द्वारा आयोजित हम साथी मोबाईल एप्प लॉन्चिंग कार्यक्रम के दौरान हुआ।दरअसल बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने आज इस एप्प को लॉन्च किया है।बिहार राज्य एड्स कंट्रोल सोसायटी और यूनिसेफ के संयुक्त प्रयास से एप्प को लांच किया गया है।इस एप्प में एचआईवी से बचाव से संबंधित 17 प्वाइंट्स हैं। एप्प के माध्यम से नई पीढ़ी खासकर छात्र-छात्राओं को एचआईवी को लेकर जागरूक करना है।

पटना में BSACS के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि आज का युग तकनीक का है।हम इस मामले में लगातार समृद्ध हो रहे हैं।बिना तकनीक के उपयोग के हम दुनिया के साथ कदमताल नहीं कर सकते।मंगल पांडेय ने कार्यक्रम में मौजूद कॉलेज के छात्र-छात्राओं से आहवान किया कि आप सब लोग इस एप्प के माध्यम से एचआईवी के बारे में जानकारी लें,सिर्फ जानकारी हीं नहीं बल्कि आप सब लोगों को जागरूक भी करें।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आज के तकनीक के युग में अब कोई जानकारी नीचे तक पहुंचाने में एप्प काफी कारगर हो रहा है।अब तो कुछ मिनटों में पूरी जानकारी नीचे तक पहुंचाई जा सकती है।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी बिहार राज्य एड्स कंट्रोल सोसायटी के साथ जुड़कर हमारे अभियान को सफल बनायें।इसके लिए जरूरी है कि सबसे पहले हम साथी एप्प को डाउनलोड कर उसमें दी गई जानकारी को हासिल करें।ताकि एचआईवी के बारे में उन्हें पूरी जानकारी हो सके।

वहीं कार्यक्रम में मौजूद यूनिसेफ के हेल्थ स्पेशलिस्ट सैयद हूबे अली ने कहा कि बिहार में एचआईवी मरीजों की संख्या में कमी दर्ज की गई है।16 फीसदी नए केसों में कमी आई है।यह हम सब के लिए अच्छी खबर है।उन्होंने बताया कि बिहार में प्रति दस हजार में महज 10 लोग इस रोग से संक्रमित हैं वहीं देश की बात करें तो यह संख्या प्रति 10 हजार में 22 है।यूनिसेफ बिहार के हेल्थ स्पेशलिस्ट ने बताया कि इस रोग से बचाव का एकमात्र उपाय जागरूकता है।इसलिए हम साथी एप्प को लॉंन्च किया गया है।इसमें 17 बिंदूओं पर जानकारी दी गई है।

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