झारखंड में बड़े हमले की तैयारी में माओवादी, तैयार किया ऐसा प्लान

झारखंड में बड़े हमले की तैयारी में माओवादी, तैयार किया ऐसा प्लान

NEWS4NATION DESK : झारखंड में नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते है। इसके लिए माओवादियों द्वारा तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है प्रदेश में बैकफुट पर चल रहे माओवादी खुद को मजबूत करने और अपनी खोई जमीन वापस पाने की लिए बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहे है। इसके लिए अब राज्य के बाहर के नक्सली नेताओं को झारखंड के अलग-अलग इलाकों की कमान सौंप जा रही हैं। आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और ओडिशा के नक्सलियों की धमक झारखंड में हाल के दिनों में बढ़ी है। प्रदेश के पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार झारखंड में रणनीतिक तौर पर मजबूती के लिए छत्तीसगढ़ बिहार और आंध्र प्रदेश के माओवादियों को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। भाकपा माओवादी के ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो यानी ईआरबी में 32 सदस्य शामिल किए गए हैं। 

छत्तीसगढ़ के 25 लड़ाके
 बताया जा रहा है कि झारखंड में जो टीम एक्टिव हुई है उसमें छत्तीसगढ़ में काफी खतरनाक माने जाने वाले 25 नक्सली कैडर शामिल है। इनकी उम्र 20 से 25 साल के बीच है। इनके पास एके-47 इंसास और एसएलआर जैसे घातक हथियार हैं। छत्तीसगढ़ के जिन 25 युवा नक्सल कैडरों को शामिल किया गया है, उसमें महिला नक्सली रोशनी नागेशिया, रजनी, रोहित चौहान, संदीप और जयमंत शामिल है। ये सभी गुरिल्ला वार में माहिर हैं। 

1 करोड़ का इनामी तेलंगाना का सुधाकरण संगठन को कर रहा है लीड

बताया जा रहा है कि नंबला केशव राव उर्फ बासवराज के नए प्रमुख बनने के बाद झारखंड में अपनी खोई जमीन को वापस पाने के लिए माओवादी बड़े नक्सल हमले की तैयारी में है। इसके लिए कोयल शंख जोन में तेलंगाना का सुधाकरण जो एक करोड़ का इनामी है, उसे इस हमले की तैयारी को लीड कर रहा है। 25 लाख की इनामी महिला नक्सली और सुधाकरण की पत्नी नीलिमा भी झारखंड में एक्टिव है। वहीं बिहार के जहानाबाद निवासी विमल उर्फ राधेश्याम यादव को कंपनी का कमांडर बनाया गया है। इसके अलावा बिहार के जहानाबाद का कुख्यात संदीप यादव, आंध्र का टेक विश्वनाथ और बिहार का मनीष यादव प्रमुख है। 

पुलिस भी कर रही ऩये सिरे से ऑपरेशन की तैयारी

इस मामले पर झारखंड पुलिस के प्रवक्ता और आईजी आशीष बत्रा का कहना है कि झारखंड में नक्सली लगातार बैकफुट पर है। मुठभेड़ में केवल इस साल 20 से अधिक नक्सली मारे गए। बड़े नक्सली नेता सरेंडर कर चुके हैं। वहीं कई की बीमारी की वजह से मौत हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि अब एक बार पैसों का लालच देकर बाहरी नक्सली नेताओं को झारखंड बुलाया जा रहा है। हालांकि झारखंड पुलिस की नजर सब पर है, सभी के खिलाफ नए सिरे से ऑपरेशन प्लान किया जा रहा है।

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