गुलशन बावरा: यारी है ईमान मेरा यार मेरी जिंदगी

गुलशन बावरा: यारी है ईमान मेरा यार मेरी जिंदगी

N4N DESK: गुलशन बावरा के नाम से मशहूर फिल्म गीतकार गुलशन मेहता का आज ही के दिन निधन हुआ था. 7 अगस्त को गुलशन बावरा का निधन मुंबई के पालीहिल स्थित निवास में लंबी बीमारी के बाद दिल का दौरा पड़ने से हुआ था. उनके इच्छानुसार उनके मृतदेह को जेजे अस्पताल को दान कर दिया गया.

पाकिस्तान जन्मभूमि हिंदुस्तान कर्मभूमि

गुलशन बावरा का जन्म पाकिस्तान में हुआ था. अविभाजित भारत शैखुपुरा (अब पाकिस्तान) में जन्मे गुलशन मेहता को बावरा का उपनाम फिल्म वितरक शांतिभाई पटेल ने दिया था. बाद में पूरा फिल्म उद्योग उन्हें इसी नाम से पुकारने लगा. फिल्मों में काम शुरू करने के पहले बावरा भारतीय रेल में काम करते थे. फिल्म उद्योग में उन्हें पहला गीत लिखने का अवसर 1959 में फिल्म चंद्रसेना में मिला था.

'मेरे देश की धरती सोना उगले’ गाने से मिली पहचान

गुलशन बावरा ने कल्याणजी-आनंदजी के संगीत निर्देशन में 69 गीत लिखे. जबकि, आर॰ डी॰ बर्मन के साथ 150 गीत लिखे थे. उन्होंने फिल्म 'सनम तेरी कसम', 'अगर तुम न होते', 'सत्ते पे सत्ता', 'यह वादा रहा', 'हाथ की सफाई' और 'रफू चक्कर' को अपने गीतों से सजाया था. बावरा को फिल्म 'उपकार' में 'मेरे देश की धरती' और फिल्म 'जंजीर' में 'यारी है ईमान मेरा' गीत के लिए फिल्म फेयर पुरस्कार मिला था.

 

 

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