बिहार के मेडिकल छात्र की युक्रेन में मौत, परिजनों ने की शव को भारत लाने की मांग

बिहार के मेडिकल छात्र की युक्रेन में मौत, परिजनों ने की शव को भारत लाने की मांग

CHAPRA : यूरोप के यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने गए छात्र की मौत की खबर पर उसके घर सोनपुर के इस्माइल चक में कोहराम मचा हुआ है. छात्र इस्माइल चक के ब्रजेश महाराज के पुत्र पिंटू कुमार का शव यहां नहीं पहुंचने पर परिवार वालों में निराशा है. उक्त मेडिकल के छात्र का भाई इंजीनियर प्रवीण कुमार ने बताया कि पिंटू पढ़ने में बहुत मेधावी था. उसे डॉक्टर बनने की ख्वाहिश थी. इसे देखकर दिसंबर 2017 में एजेंट के माध्यम से यूक्रेन के क्यूब मेडिकल यूनिवर्सिटी में दाखिला हुआ. पढ़ाई का उसका तीसरा वर्ष चल रहा था. वह वर्ष 2019 के अगस्त महीना में कॉलेज से छुट्टी पर गांव आया था और पुनः सितंबर 2019 में वापस चला गया.  15 दिन पहले कॉलेज की ओर से फोन आया कि अचानक उसकी तबियत खराब हो गई है और वह अचेत अवस्था में चला गया है. प्रवीण ने बताया कि हम लोग जमीन व गहने गिरवी रख कर उसे कई बार पैसे भेजते रहें. इसी बीच एजेंट के द्वारा यह बताया गया कि 80 परसेंट उसके स्वास्थ्य की रिकवरी हो गई है. इसके बाद शुक्रवार को जब परिवार वालों ने फोन किया था बताया गया कि पिंटू अब दुनिया में नहीं रहा. यह खबर सुनते ही यहां चीख-पुकार मच गई. 

मृतक के भाई ने लगाया एजेंट पर ब्लैक मेलिंग का आरोप

पिंटू के भाई प्रवीण कुमार ने क्यूब मेडिकल कॉलेज के एजेंट पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें अपने भाई के बारे में सही जानकारी नहीं दी गई. एजेंट ने कई बार बीमारी के नाम पर पैसे की मांग की. जब 80 फीसदी रिकवरी होने की बात कही गई तो अचानक कैसे उसकी मृत्यु हो गई. वही गांव के लोगों ने बताया कि पिंटू बहुत ही व्यवहारिक लड़का था. यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था और गरीबी की स्थिति में कैसे लोग बीमारी को लेकर परेशान होते हैं इसे देखकर उसे डॉक्टर बनने की तमन्ना मन में जागृत हुई. वह बताता था कि जब डॉक्टर बनकर आएगा तब गरीबों की इलाज वह मुफ्त में करेगा. यह खबर गांव में जैसे ही फैली सैकड़ों पुरुष व महिला उक्त छात्र के घर पर पहुंच कर रोने पीटने लगे. 

भारत शव लाये जाने को सांसद से लगाया गुहार

छात्र के भाई प्रवीण कुमार ने बताया कि कॉलेज की ओर से न ही उसके भाई का शव दिखाया जा रहा है और न हीं वे लोग शव को भारत लाए जाने की बात कर रहे हैं. प्रवीण ने बताया कि इस बात की जानकारी मेल के माध्यम से सांसद राजीव प्रताप रूडी तथा एंबेसी में भी दी गई. लेकिन कहीं से कोई सकारात्मक उत्तर अभी तक प्राप्त नहीं हुआ. परिवार वालों का मृत शरीर के देखने का लालसा बना हुआ है. 


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