सब-रजिस्ट्रार भ्रष्ट ही नहीं 'अय्याश' भी ! रिश्वत की कमाई से 'सिलीगुड़ी' में खरीदे गए फ्लैट में सजती थी महफिल....निगरानी रेड में फूटा भांडा

सब-रजिस्ट्रार भ्रष्ट ही नहीं 'अय्याश' भी ! रिश्वत की कमाई से 'सिलीगुड़ी' में खरीदे गए फ्लैट में सजती थी महफिल....निगरानी रेड में फूटा भांडा

PATNA: निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने कटिहार के जिला अवर निबंधक जय कुमार के चार ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच में सब रजिस्ट्रार द्वारा भ्रष्ट तरीके से अकूत संपत्ति अर्जित करने का खुलासा हुआ। अफसर न सिर्फ भ्रष्ट था बल्कि अय्याश भी था। अय्याशी के लिए हर हफ्ते पड़ोसी राज्य बंगाला जाता था। भ्रष्ट तरीके से अर्जित पैसे से बंगाल के सिलीगुड़ी में शानदार फ्लैट खरीद रखा था। बताया जाता है कि फ्लैट में वो भ्रष्ट अफसर अय्याशी करता था। 

अकूत संपत्ति से अय्याशी भी!

कटिहार का जिला अवर निबंधक बड़ा सेटिंग वाला था। सेटिंग की बदौलत ही वह लंबे समय से सीमांचल इलाके में पदस्थापित है। किशनगंज से लेकर पूर्णिया और अब कटिहार। इन तीन जिलों में वह काफी समय बिताया। छापेमारी में खुलासा हुआ कि अवर निबंधक जय कुमार अवैध कमाई का पैसा बंगाल के सिलीगुड़ी में लगा रहा था। बिहार में जमीन खऱीदता तो लोगों को जानकारी हो जाती। लिहाजा बचने के लिए पड़ोसी राज्य में फ्लैट-प्लॉट खऱीदा। निगरानी ने बताया है कि सिलीगुड़ी में शानदार फ्लैट है। वो फ्लैट बंद रहता था। जब अवर निबंधक जय कुमार वहां जाते थे तब उसी फ्लैट में रहते थे। निगरानी सूत्रों से यह भी पता चला है अवर निबंधक के सिलीगुड़ी फ्लैट पर 1-2 रहने के दौरान वहां खूब अय्याशी होती थी। सभी तरह के इंतजाम वहां होते थे और महफिल सजती थी।  

धन से अंधा निकला भ्रष्ट अवर निबंधक

कटिहार के सब रजिस्ट्रार के ठिकानों पर निगरानी ब्यूरो ने 4 जून को छापेमारी की थी। रेड में 11 भूखंडों से संबंधित दस्तावेजों के साथ 10.80 लाख रुपये जब्त किए गए। निगरानी ने उनके खिलाफ आय से करीब 76 लाख 24 हजार 582 रुपये अधिक धन जमा करने के मामले में निगरानी थाना कांड संख्या 26/22 दर्ज किया था। इसी को लेकर शनिवार को चार शहरों के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की गयी। यह छापेमारी पटना, पूर्णिया, पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के अलावा कटिहार स्थित आवास एवं दफ्तर में एक साथ की गयी। इस दौरान करोड़ों की आय से अधिक संपत्ति की जानकारी मिली है। कई ऐसी भी संपत्तियां मिली हैं, जिनका उल्लेख जय कुमार ने वार्षिक संपत्ति विवरणी में नहीं किया है। 

जांच में पाया गया कि केस में दर्ज चल एवं अचल संपत्ति के अतिरिक्त उन्होंने पटना के दानापुर के रंजन पथ में चार मंजिला आलीशान मकान बनवाया है। इसके सटे ही चार मंजिला भवन का निर्माण जारी है। जानकारी मिली कि उन्होंने अपने रिश्तेदार को 34 लाख का कर्ज दे रखा है। इसके अलावा बजाज एलियांज पॉलिसी में 1.38 लाख रुपये का वार्षिक निवेश, एसबीआई लाइफ व आईसीआईसीआई लोम्बार्ड में निवेश के सहित जमीन के चार डीड मिले। यूनियन बैंक में 3.50 लाख फिक्सड डिपॉजिट व बैंक खातों में 24 लाख रुपये जमा हैं।

सिलीगुड़ी- जलपाईगुड़ी में कई प्लॉट
दानापुर में 10.93 डिसमिल, दानापुर सराय में 4.5 डिसमिल, दानापुर नियामतपुर उसरी में 6.8 डिसमिल भूमि है। जलपाईगुड़ी में स्वयं के नाम व पत्नी के नाम पर एक-एक कट्ठा जमीन, सिलीगुड़ी में स्वयं व पत्नी के नाम फ्लैट, पूर्णिया में पत्नी के नाम से 2.098 डिसमिल, 4.2 डिसमिल, 0.8 डिसमिल जमीन व बेटे के नाम 0.8 डिसमिल जमीन, पुत्र व पत्नी के नाम से दानापुर में 2.89 डिसमिल जमीन के दस्तावेज मिले हैं। सिलीगुड़ी में अंकित फ्लैट के अतिरिक्त छह डिसमिल जमीन होने का भी पता चला है, जिसे डेवलपर को कनवर्सन पर दिया गया है।कटिहार स्थित सरकारी आवास व कार्यालय से नकदी 9.80 लाख रुपये एवं पटना स्थित आवास से 1 लाख रुपये जब्त किया गया। इसके अतिरिक्त सोना एवं चांदी के जेवरात जब्त किए गए, जिसकी कुल कीमत 28 लाख 80 हजार 981 रुपये आंकी गई है। इनमें सौ-सौ ग्राम के सोने के तीन बिस्कुट व सोने का दो टुकड़ा भी शामिल है। छापे के दौरान पटना स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में दो लॉकर का पता चला है.

 

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