दरभंगा नगर निगम के मेयर की बची कुर्सी, खिलाफ में लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ख़ारिज

दरभंगा नगर निगम के मेयर की बची कुर्सी, खिलाफ में लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ख़ारिज

DARBHANGA : दरभंगा नगर निगम की मेयर वैजयंती खेड़िया एक बार फिर अविश्वास प्रस्ताव की अग्नि परीक्षा में सफल रहीं हैं. उनके खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया है. स्थिति यह हुई कि जिन 48 में 24 पार्षदों ने चिट्ठी लिखकर वैजयंती खेड़िया के प्रति असंतोष जताया था,  शनिवार को उसमें से भी कुछ पार्षद मेयर के खेमे में नजर आए. इस तरह से पिछले दो हफ्ते से नगर निगम में चल रही रस्साकस्सी खत्म हो गई.

बताते चलें की ढाई साल के भीतर मेयर वैजयंती खेडिया के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पूरी तरह खारिज हो गया. वैजयंती खेडिया के सामने ये अग्नि परीक्षा थी कि वे अपने खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिखाएं और उसमें वे सफल रही.


आज 12:00 बजे से जिला परिषद कार्यालय दरभंगा में अविश्वास प्रस्ताव के पहले एक आयोजित की गयी. जिसे देखकर यह साफ हो गया कि वैजयंती खेड़िया अविश्वास प्रस्ताव खारिज कराने में सफल होंगी. इसके बाद दरभंगा के जिला परिषद कार्यालय में तय समय से थोड़ी देरी से बैठक शुरू हुई. वार्ड संख्या 36 के पार्षद बदबूजमां खान उर्फ बॉबी खान की अध्यक्षता में बैठक के दौरान महापौर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद, बैलेट के माध्यम से वोटिंग कराई गई. इस वोटिंग में महापौर सहित 17 पार्षदों ने भाग लिया. बाकी पार्षदों पर विरोधी गुट ने खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया. मधुबाला सिन्हा ने कहा कि कुछ पार्षदों ने अपना जमीर बेचकर खेडिया हाउस में शरण ले लिया. आपको बता दें कि बिहार नगर पालिका अधिनियम 2007 के मुताबिक महापौर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को पारित कराने के लिए 24 वोट जरूरी हैं. क्योंकि दरभंगा नगर निगम में 48 पार्षद हैं. जिसमें वार्ड नंबर तीन के पार्षद देवकी देवी का कुछ ही दिन पहले निधन हो जाने के कारण यह सीट रिक्त हैं. इस तरह से महापौर के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया.

दरभंगा नगर निगम की स्थायी समिति के सदस्य अजय जलान और सोहन यादव के मुताबिक जिस बेहतर तरीके से काम किया गया था. उसी का परिणाम है कि, पार्षदों ने एक बार फिर से वैजयंती खेडिया के प्रति निष्ठा दिखाई है. इस बात की अटकले लगाई जा रही थी, जो अविश्वास प्रस्ताव रूपी अग्नि परीक्षा में सफल होंगी और ऐसा ही हुआ.

वाहीन वैजयंती खेड़िया ने जीत के बाद भरोसा दिलाया कि उनके मन में किसी के प्रति कोई द्वेष नहीं है और वे बाकी बचे ढाई सालों में दरभंगा नगर निगम की भलाई के लिए काम करेंगी.

दरभंगा से वरुण कुमार की रिपोर्ट 


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