महिलाओं के लिए मिसाल बनी महिला सिपाही विभा कुमारी, हादसे में दोनों पैर गंवाने के बाद बखूबी निभाती है ड्यूटी

महिलाओं के लिए मिसाल बनी महिला सिपाही विभा कुमारी, हादसे में दोनों पैर गंवाने के बाद बखूबी निभाती है ड्यूटी

KATIHAR : कटिहार की सिपाही संख्या 608  विभा कुमारी, महिला सशक्तिकरण की नई रोल मॉडल है. विभा की कहानी वाकई उन महिलाओं के लिए बेहद प्रेरक है जो आज भी अपने आप को समाज के मुख्यधारा से जुड़कर अपनी पहचान तो बनाना चाहती है. लेकिन झिझक और डर के कारण सफल नहीं हो पाती है. कटिहार पुलिस लाइन चाइल्ड केयर यूनिट में मुख्य संचालिका के जिम्मेदारी संभालने वाली विभा कुमारी मूल रूप से नालंदा जिले की रहनेवाली है. 

साल 2015 से ही बिभा बीएमपी 7 में पदस्थापित है. लेकिन 7 दिसंबर साल 2019 में एक हादसा ने विभा के अरमानों पर ब्रेक लगा दिया. दरअसल कटिहार बीएमपी-7 से छुट्टी में अपने घर लौटने के दौरान बख्तियारपुर जंक्शन के पास ट्रेन की चपेट में आने से बिभा का दोनो पैर कट गया. जिसके बाद अचानक विभा की दुनिया ही मानो लूट गयी. लेकिन इस जांबाज महिला सिपाही ने हिम्मत नहीं हारी और लंबे दिनो तक इलाज के बाद वह एक बार फिर लौटकर ड्यूटी पर आई है. 

इस बार भी वह बीएमपी-7 के चाइल्ड केयर यूनिट में बड़ी जिम्मेदारी संभाल रही है. ड्यूटी में व्यस्त रहने के कारण महिला सिपाही अपने बच्चों को देखरेख नहीं कर पाती हैं. विभा न सिर्फ एक जिम्मेदार सिपाही की तरह अपनी ड्यूटी निभा रही हैं. बल्कि बच्चों की मौसी बनकर उन बच्चों की देख-रेख करती है. महिला सिपाही कहती है कि ड्यूटी के साथ-साथ बच्चे संभालने में बड़ी परेशानी होती थी. 

लेकिन अब कमांडेंट के पहल से चाइल्ड केयर यूनिट बनने से बेहद आसानी हुई है. जहां तक विभा की बात है इतना बड़ा हादसे में अपने दोनों पैर गँवा चुकी विभा अपने हौसलों के साथ अपनी जिम्मेदारी पर डटी हुई है. इसलिए वे लोग निश्चिंत रहती हैं. मानो उनके बच्चे अपनी मौसी के पास है. 

कटिहार से श्याम की रिपोर्ट 

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