पटना में एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग का आरोप, पुलिस ने 40 लोगों के खिलाफ दर्ज किया एफआईआर, 3 मृतक भी बनाये गए आरोपी

पटना में एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग का आरोप, पुलिस ने 40 लोगों के खिलाफ दर्ज किया एफआईआर, 3 मृतक भी बनाये गए आरोपी

PATNA : एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग की खबरें भी पूरे देश से आती रहती है। ऐसा ही एक मामला बिहार के राजधानी पटना से प्रकाश में आया है । दलित उत्पीड़न से जुड़े एक मामले में पुलिस ने 40लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया हैं। आश्चर्य की बात है कि इसमें मृत तीन व्यक्तियों को भी नामजद किया गया है। 7 लोगों की गिरफ्तारी भी पुलिस ने कर ली है।

क्या है मामला

 बता दें कि होली के दिन यानी 21 मार्च को अश्लील गाना बजाने को लेकर जानीपुर थाना क्षेत्र के मुर्गियाचक पसरी में विवाद हुआ । ग्रामीण भूषण मांझी ने पुलिस के समक्ष बयान दिया की एक जाति के लोग हिंसक रूप से दलित बस्ती पर धावा बोल दिये । कई लोगों के साथ मारपीट किया और जाति सूचक शब्द बोलकर अपमानित किया । तीन घरों में आग लगा दिया । घर में रखें टीवी ,मोटरसाइकिल को क्षतिग्रस्त कर दिया ।  भूषण मांझी के बयान पर पुलिस ने 40 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया । 

पुलिस का कारनामा

जानीपुर थाना में दलित उत्पीड़न के दर्ज मामले में पुलिस ने आईपीसी की धारा -147 /148/149/341/323/325/354/436/307/ व 3 (ए, बी, सी)एससी/एसटी दर्ज किया हैं । इसमें 40 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया हैं। इसमें तीन मृत व्यक्ति यदुनंदन शर्मा ,अविनाश कुमार ,चन्देश्वर शर्मा के नाम भी शामिल हैं । इसके अलावा एफआईआर में नामजद कई ऐसे व्यक्ति के नाम हैं जो की गांव में वर्षों से रहते ही नहीं हैं। कोई दिल्ली में एयरफोर्स में कार्यरत है तो कोई गुजरात में रह रहा है। पुलिस ने इन सभी को इस केस में नामजद आरोपी बनाया है। 

ग्रामिणों ने की निष्पक्ष जांच की मांग

एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नामजद 7 लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है।कई ग्रामीणों ने पुलिस के समक्ष कहां था की अश्लील गाना बजाने से मना करने पर विवाद हुआ था। राजनीतिक साजिश के तहत स्वयं से घर में आग लगाकर झूठे रूप से फंसाया गया है । ग्रामिणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने के बाद ही जो दोषी हो उस पर कार्रवाई की जाए। 

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