बड़ा फैसला : फ्लैट देने में जितनी देरी करेंगे , बिल्डर को उतना ज्यादा देना होगा हर्जाना

बड़ा फैसला :  फ्लैट देने में जितनी देरी करेंगे ,  बिल्डर को उतना ज्यादा देना होगा हर्जाना

NEW DELHI : राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने फ्लैट खरीदने वालों के पक्ष में बड़ा फैसला दिया है। बिल्डरों की मनमानी अब नहीं चलेगी।  अब फ्लैट देने में देरी करने पर बिल्डर को ज्यादा हर्जाना देना होगा।

होम बायर्स के पक्ष में फैसला

घर खरीदते वक्त बिल्डर के साथ साइन किए जाने वाले ज्यादातर समझौता पत्रों में मुआवजे की शर्तों का जिक्र होता है। इनके मुताबिक, अगर बिल्डर प्रॉजेक्ट कंप्लीट करने में देर करे तो उसे 5 रुपए प्रति स्क्वैयर फीट के हिसाब से हर्जाना भरना पड़ता है। हालांकि, अगर प्रॉजेक्ट कंप्लीट होने में बहुत कम देर हुई हो तो हर्जाना माफ किया जा सकता है लेकिन जब प्रॉजेक्ट वर्षों तक अटका रह जाए तो होम बायर्स के लिए परेशानी खड़ी हो जाती है। 

नहीं चलेगी बिल्डर की मनमानी

राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग  ने इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए कहा है कि अगर फ्लैट आवंटित करने में 'अतार्किक' अवधि तक देरी तो बिल्डर्स 5 रुपये वाले प्रावधान की आड़ लेकर बच नहीं सकते। ऐसी स्थिति में होम बायर्स हर्जाने की रकम बढ़ाने की मांग कर सकते हैं। तब बायर को पजेशन देने के बाद हर्जाना देना होगा या अगर बायर भुगतान की हुई रकम वापस चाहता है तो उसे हर्जाने के साथ पूरी रकम वापस करनी होगी। 

एम्मार एमजीएफ पर लगाया 5 लाख का जुर्माना

आयोग ने फ्लैट आवंटन में 36 महीने की देरी पर एम्मार एमजीएफ को आदेश दिया कि वह 5 लाख रुपए के हर्जाने के साथ बायर को उसकी पूरी रकम वापस करे। एनसीडीआरसी ने कहा कि फ्लैट देने में अनाप-शनाप या अनिश्चितकालीन देरी नहीं की जा सकती है। 

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