माफियागिरीः मोतिहारी DEO ने सरकार से लगाई गुहार, प्रधान लिपिक सत्येन्द्र मिश्र को 'जबरन' करें रिटायर

 माफियागिरीः  मोतिहारी DEO ने सरकार से लगाई गुहार, प्रधान लिपिक सत्येन्द्र मिश्र को 'जबरन' करें रिटायर

PATNA: बिहार के शिक्षा विभाग के दफ्तरों में माफिया राज है। अधिकारी अपना राज स्थापित करना चाहते हैं वहीं लंबे समय़ से मठाधीश बने कर्मचारी अपनी ताकत दिखाना चाहते थे। इस लड़ाई से जिला शिक्षा कार्यालय की पूरी व्यवस्था बेपटरी हो गई है। मोतिहारी में जिला शिक्षा पदाधिकारी का कार्यालय में विवाद काफी गहरा गया है। हालात ऐसे हो गये हैं कि शिक्षा विभाग का अधिकारी अपने क्लर्क के आतंक से परेशान हो उठा। अधिकारी इतने परेशान हो गये कि प्रधान लिपिक को जबरिया रिटायरमेंट को लेकर शिक्षा विभाग के निदेशक के साथ-साथ विभाग के अपर मुख्य सचिव को भी पत्र लिख दिया। मोतिहारी के जिला शिक्षा पदाधिकारी ने अपने दफ्तर के प्रधान लिपिक से त्रस्त होकर शिक्षा विभाग से गुहार लगाई है। वैसे मोतिहारी के शिक्षा कार्यलाय में कई तरह की गड़बड़ी की बात सामने आई है। गड़बड़ी में शक की सूई डीईओ की तरफ भी घूम रही है। ऐसे में अब जिला शिक्षा पदाधिकारी ने नया कार्ड खेला है। 

सरकार से गुहार

मोतिहारी के जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने कार्यालय के प्रधान लिपिक सत्येन्द्र मिश्र को जबरिया रिटायरमेंट देने का आग्रह किया है। डीईओ संजय कुमार ने 12 जून को शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के साथ-साथ निदेशक प्रशाशन को रिपोर्ट भेजा है। मोतिहारी डीईओ ने कहा है कि प्रधान लिपिक सत्येन्द्र मिश्र का आतंक राज है। इसमें मुजफ्फरपुर आरडीडीई दफ्तर में बैठा उसका भाई संरक्षण दे रहा। डीईओ ने अपने पत्र में कहा है कि उस कर्मचारी को जबरन रिटायर किया जाये। 

सत्येन्द्र मिश्र को 'जबरन' करें रिटायर

डीईओ संजय कुमार ने पत्र में उल्लेख किया है कि प्रधान लिपिक सत्येन्द्र मिश्र के कार्य के प्रति उदासीनता, पदाधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बनाने की नीति, कर्मियों का भयादोहन, अनुशासनहीनता, कार्यालय के माहौल दूषित करने के आरोप में अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाये। साथ ही क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक मुजफ्फरपुर में पदस्थापित सत्येंद्र मिश्र के छोटे भाई विनय कुमार मिश्र उर्फ गुड्डू मिश्र जो इनके संरक्षक हैं को वहां से स्थानांतरित किया जाए। तभी जाकर पूर्वी चंपारण में शैक्षणिक माहौल बदलने में सफलता मिलेगी। अब देखना होगा डीईओ के इस पत्र के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी आगे किस तरह की कार्रवाई करते हैं. 

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