मोतिहारी में 23 करोड़ की लागत से बनने वाले ड्रेनेज सिस्टम और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में फंसा पेंच, रद्द हो सकता है कंपनी का करार

मोतिहारी में 23 करोड़ की लागत से बनने वाले ड्रेनेज सिस्टम और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में फंसा पेंच, रद्द हो सकता है कंपनी का करार

MOTIHARI : यदि शहर के कायाकल्प के लिये साल भर से ज्यादा समय से करोड़ों रुपये पड़े हों, वावजूद इसके उस पर काम शुरू न हो सके तो इसे जुड़े विभाग एवं स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही नहीं तो और क्या कहेंगे। वो भी योजना ऐसी कि पूरी होने पर मोतिहारी शहर की सूरत बदल कर रख दे। जी हां, हम बात कर रहे हैं शहर के बीचो-बीच मोतीझील किनारे करीब 23 करोड़ की लागत से बनने वाले ड्रेनेज सिस्टम तथा दो मिलियन लीटर क्षमता के दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण की।

 इसके लिए भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ इनवायरमेंट फॉरेस्ट एंड क्लाइमेट चेंज की ओर से पिछले साल जुलाई में ही फंड मुहैया कराया गया था। दिसंबर 2018 में हैदराबाद की एक कंपनी से काम का एग्रीमेंट भी हो चुका है। जून 2020 तक काम पूरा कर लेना था। परंतु एग्रीमेंट के एक साल से ज्यादा बीत जाने के बाद भी अभी तक काम शुरू ही नहीं हो सका है। जबकि मंत्रालय की ओर से जल्द काम पूरा करने का पूरा दबाव है। 

अब जो नई जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक यदि एक-आध महीने के अंदर इसमें फंसे पेंच का हल नहीं निकाला गया तो मंत्रालय की ओर से कंपनी का एग्रीमेंट रद्द किया जा सकता है। 

इस बारे में जब जिला शहरी विकास अभिकरण के कार्यपालक अभियंता अनिल कुमार गुप्ता से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि काम में सबसे बड़ी बाधा मोतीझील किनारे बड़े पैमाने पर अवैध अतिक्रमण है। इसी कारण अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है। 

मोतिहारी  से रुपेश पांडेय की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

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