सत्ता के गलियारे में 'सरकार' का विरोध! गांधी जयंती के दिन बिहार सचिवालय सेवा संघ का आंदोलन, मांग नहीं मानने से भारी गुस्सा

सत्ता के गलियारे में 'सरकार' का विरोध! गांधी जयंती के दिन बिहार सचिवालय सेवा संघ का आंदोलन, मांग नहीं मानने से भारी गुस्सा

PATNA : बिहार के सत्ता के गलियारे में बैठे सरकारी सेवक ही नीतीश सरकार की कार्यशैली से खुश नहीं हैं। सचिवालय सेवा संघ की मांग पर राज्य सरकार विचार नहीं कर रही। विवश होकर सचिवालय सेवा संघ ने आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया है। गांधी जयंती के दिन यानी आज 2 अक्टूबर को संघ के पदाधिकारी और सदस्यों ने एक दिवसीय धरना दिया और अपनी आवाज बुलंद की।

पटना के गर्दनीबाग में धरना और 1 दिन का सांकेतिक उपवास कार्यक्रम आयोजित की गई थी। धरना सह उपवास कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सचिवालय कर्मी शामिल हुए। सचिवालय संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि बिहार सचिवालय कर्मियों की कई मांगें काफी समय से लंबित है। हमारी मांग सम्बन्धी फ़ाइल को काफी समय डंप कर दिया गया है। संघ के अध्यक्ष ने बताया कि सचिवालय सेवा संवर्ग के मूल कोटि के पद सचिवालय सहायक का पदनाम सहायक प्रशाखा पदाधिकारी एवं मूल कोटि के पद सचिवालय सहायक पद पर नियुक्ति बीपीएससी के माध्यम से कराए जाने की मांग किया जा रहा है। इसके अलावे कई अन्य मांगें सरकार से की जा रही है। लेकिन राज्य सरकार हमारी मांग पर अब तक कोई विचार नहीं किया है।

इसके पहले भी सचिवालय सेवा संघ कई बार संकेतिक आंदोलन कर चुका है। मांग के समर्थन में संघ के पदाधिकारी सरकार में बैठे बड़े अधिकारियों को ज्ञापन भी दिया है,वार्ता भी हुई है। लेकिन अब तक मांग पर कोई विचार नहीं किया गया। अब सचिवालय सेवा संघ के सदस्य सरकार की आंख खोलने के लिए आज गांधी जयंती के दिन एक दिवसीय धरना व भूख हड़ताल करने पर विवश हुए हैं।

पटना से विवेकानंद की रिपोर्ट

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