कश्मीर में मारे गए मजदूर के घर पहुंचे सांसद गिरधारी यादव, डीएम व बांका विधायक, पीड़ित परिवार को हर प्रकार का सहयोग देने का किया वादा

कश्मीर में मारे गए मजदूर के घर पहुंचे सांसद गिरधारी यादव, डीएम व बांका विधायक, पीड़ित परिवार को हर प्रकार का सहयोग देने का किया वादा

BANKA : कश्मीर के श्रीनगर से आतंकवादी की गोलियों के शिकार हुए बांका जिला बाराहाट थाना क्षेत्र के पडघड़ी गांव निवासी अरविंद कुमार का पार्थिव शरीर गांव पहुंचते परिवार व ग्रामीणों में कोहराम मच गया है। जिसके बाद उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए बांका के सांसद गिरधारी यादव, पूर्व मंत्री व बांका विधायक रामनारायण मंडल सहित डीएम डीएम सुहर्ष भगत एवं एसपी अरविंद कुमार गुप्ता भी गांव पहुंचे। जहां उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें हर प्रकार के सहयोग करने का भरोसा दिया। बता दें कि आतंकवादी के गोली का निशाना बने अरविंद श्रीनगर में ठेला लगाकर अपने परिवार का जीविकोपार्जन कर रहा था। इसी दौरान आतंकवादियों ने शनिवार की शाम उसके आधार कार्ड को देखकर उसे एक साथ तड़ातड़ा तीन  गोली मार मौत के घाट सुला दिया था। 

इससे पहले अरविंद का पार्थिव शरीर ताबूत बक्से में बंद कर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रीनगर से हवाई मार्ग के जरिए दिल्ली होते रविवार रात्रि सवा नौ बजे  पटना लाया गया। जहां पटना हवाई अड्डा से एंबुलेंस के जरिए उसके शव को बांका लाया गया। जहां आज सुबह बीडीओ राकेश कुमार की निगरानी में आतंकवादी का शिकार हुए अरविंद के पार्थिव शरीर को उसके परिजनों को सौंपा गया। शव के पहुंचते ही उसके परिजन व ग्रामीणों में कोहराम मच गया है।

 मौके पर परिजनों से मिलकर बांका डीएम सुहर्ष भगत एवं एसपी अरविंद कुमार गुप्ता ने घटना की जानकारी ली। डीएम ने कहा हर संभव सरकारी सहायता राशि प्रदान की जाएगी वही गांव के जितने भी लोग कश्मीर श्रीनगर में काम करते हैं उन्हें यहां रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।मुफस्सिल प्रदत सरकारी सहायता में पारिवारिक लाभ के 20 हजार एवं कबीर अंत्येष्टि के तीन हजार कुल 23 हजार राशि मृतक के परिवार को दिया गया है। जबकि बिहार सरकार द्वारा घोषित दो लाख और श्रम विभाग से एक लाख रुपए सहायता राशि जल्द ही  देने की बात कही गई है। 


गांव के लोगों में दिखा पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश

पीड़ित परिवार एवं गांव के लोगों ने घटना की निंदा करते हुए कहा पाकिस्तान का भेजा गया आतंकवादियों का इस प्रकार की घटना को अंजाम देना कायरता पूर्ण है। अकेले इस पड़घड़ी गांव के 200 लोग श्रीनगर कश्मीर में पकोड़ा गोलगप्पा और अन्य रेड़ी लगाने और होटल में काम करने जैसे कार्य में परिवार के बाल बच्चा समेत रहते हैं। इस गांव के लोग 25 से 30 वर्ष पूर्व से श्रीनगर कश्मीर में रहते आए हैं। वहां मेहनत मजदूरी कर जीवकोपार्जन कर रहे थे। अभी भी पड़घड़ी गांव के डेढ़ सौ से  ज्यादा लोग श्रीनगर कश्मीर में फंसे हुए हैं। ग्रामीण आर्त-स्वर में कह रहे थे, उन सबों को लाने की जिम्मेदारी सरकार की बनती है। आतंकवाद का शिकार हुए अरविंद कुमार के पीड़ित परिवार आश्रित को 50 लाख रुपया मुआवजे की राशि एवं परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की गई है।

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