मोदी जी! घर का पता लोक कल्याण मार्ग रख लेने से कल्याण नहीं होता, ईपीएफ ब्याज दर घटाने पर बरसे राहुल गांधी, करोड़ों लोगों को केंद्र ने दिया झटका

मोदी जी! घर का पता लोक कल्याण मार्ग रख लेने से कल्याण नहीं होता, ईपीएफ ब्याज दर घटाने पर बरसे राहुल गांधी, करोड़ों लोगों को केंद्र ने दिया झटका

DESK. बढ़ती  महंगाई के बीच नौकरीपेशा लोगों के रिटायरमेंट फंड पर केंद्र सरकार ने कैंची चला दी है.सरकार ने साल 2021-22 के एंप्लाइज प्रॉविडेंट फंड (ईपीएफ) के लिए 8.5 प्रतिशत से घटा कर 8.1 प्रतिशत की ब्याज दर को मंजूरी दी है. यह चार दशक में सबसे कम है. अब इसे लेकर मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है. कांग्रेस सहित सभी दलों की ओर से मोदी सरकार के निर्णय की आलोचना की जा रही है क्योंकि इससे करोड़ों लोगों के बचत पर कैंची चल गई है. 

राहुल गांधी ने तो यहां तक कहा कि घर का पता लोक कल्याण मार्ग रख लेने से लोगों का कल्याण नहीं होता. राहुल गांधी ने यह ट्वीट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर हल्ला बोला है. बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार ने वर्ष 2021-22 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) पर 8.5 फीसदी ब्याज दर घटा कर उसे 8.1 फीसदी ब्याज दर कर दिया है. यानी अब लोगों को अपने प्रॉविडेंट फंड डिपॉजिट पर 8.1 फीसदी ही ब्याज मिल सकेगा.

इस फैसले का लगभग 6 करोड़ उपभोक्ताओं पर असर पड़ेगा. राहुल गांधी ने ब्याज दर घटाये जाने पर आरोप लगाया कि साढ़े 6 करोड़ कर्मचारियों के वर्तमान और उनके भविष्य को बर्बाद करने के लिए महंगाई बढ़ाओ, कमाई घटाओ मॉडल लागू किया गया है.

राहुल ने एक आंकड़ा भी पेश किया है जिसमें कैसे केंद्र सरकार के फैसले से करोड़ों लोगों का जीवन प्रभावित होगा उसका विवरण दिया है. दरअसल ईपीएफ पर ब्याज दर घटाने से यह चार दशक के सबसे निचले स्तर पर आ गया है. ब्याज की 8.1 प्रतिशत ईपीएफ दर 1977-78 के बाद से सबसे कम है. उस वक्त यह 8 प्रतिशत थी.


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