CM के सामने पेशी से पहले पूरे ताव में थे 'सहनी', 2 मंत्रियों के समझाने के बाद भी अकड़ थी कायम, दे रहे थे लालू का हवाला,फिर निकल गई हवा

CM के सामने पेशी से पहले पूरे ताव में थे 'सहनी', 2 मंत्रियों के समझाने के बाद भी अकड़ थी कायम, दे रहे थे लालू का हवाला,फिर निकल गई हवा

PATNA: नीतीश कैबिनेट के एक मंत्री की करनी का भांड़ा फूटा तो सरकार बैकफुट पर चली गई। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के मंत्री मुकेश सहनी की पोल-पट्टी खुलने के बाद हर कोई आश्चर्यचकित है। खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने मंत्री के इस कारनामे से हतप्रभ थे। उन्होंने शुक्रवार को सदन में साफ-साफ कह दिया था कि अगर मंत्री ने इस तरह का गैरजिम्मेदाराना काम किया है तो फिर आश्चर्यजनक है। नीतीश कुमार ने कहा था कि हम मंत्री से इस बारे में पूछेंगे। मंत्री से पूछने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी जगह रिश्तेदार या पार्टी के पदाधिकारी को सरकारी कार्यक्रम में भेजना पूरी तरह से गलत है। 

सहनी ब्रदर्स अपने आप को लालू प्रसाद से कर रहे थे तुलना

विधानसभा में यह बयान देकर मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया था कि वे इस मामले में सख्त हैं। विस वे विधानपरिषद में गए और कक्ष में बैठ गये। वहां से उन्होंने मंत्री मुकेश सहनी को बुलावाया। सहनी वेटनरी कॉलेज में किसी कार्यक्रम में शिरकत करने गये थे। वे भागे-भागे सदन में पहुंचे। जानकारों का कहना है कि सीएम नीतीश के सामने पेश होने और सफाई देने के लिए मुकेश सहनी कुछ फोटोग्राफ्स लेकर आये थे।बताया जाता है कि सीएम नीतीश के चैंबर में जाने से पहले सहनी एक विधान पार्षद के कक्ष में गये। उस कक्ष में नीतीश कैबिनेट के दो मंत्री मौजूद थे। तब तक सहनी पूरे ताव में दिख रहे थे। तस्वीर के माध्यम से सहनी ये साबित करना चाह रहे थे कि उन्होंने या फिर उनके भाई ने कोई गलती नहीं की है. वे अपने भाई को अपनी जगह पर सरकारी कार्यक्रम में भेजने को सही ठहराने पर तुले थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वे कह रहे थे कि जब लालू यादव सरकारी कार्यक्रम में जा सकते हैं तो मेरा भाई क्यों नहीं? 

 मंत्रियों ने समझाने पर भी नहीं मान रहे थे सहनी

सीएम नीतीश के पास जाने से पहले मुकेश सहनी अपने को राजद सुप्रीमो और बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद से तुलना कर रहे थे। मुकेश सहनी ने एमएलसी के कक्ष में दो मंत्रियों के सामने एक तस्वीर दिखाई जिसमें सरकारी कार्यक्रम में तत्कालीन डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की मौजूदगी में लालू प्रसाद शिरकत कर रहे थे। जानकार बताते हैं कि जब सहनी ने अपने उपर लगे गंभीर आरोप  के पक्ष में तस्वीर पेश की तो सब भौचक्के रह गये और कहा कि आपकी यह दलील उचित नहीं है। जानकार बताते हैं कि दोनों मंत्रियों ने सहनी को समझाया कि आप वहां जायें तो अपनी गलती स्वीकार करें। क्यों कि आप जो सबूत पेश कर रहे उसमें कोई दम नहीं। लालू प्रसाद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं। ऐसे में आपको मुख्यमंत्री के सामने गलती स्वीकार करने के अलावे कोई चारा नहीं। लेकिन मुकेश सहनी पूरे ताव में थे,उन्हें लग रहा था कि उन्होंने गलती नहीं की है। इसके बाद वे सीएम नीतीश के कक्ष में जाते हैं और वहां जाने के बाद मंत्री जी की सारी दलीलें धरी की धरी रह गई और..................। फिर बाहर निकल कर मीडिया के सामने कहा कि गलती हो गई...आगे से इस तरह की गलती नहीं होगी। इस तरह से सहनी को वो तस्वीर काम नहीं आई जिसके बूते वे भाई को वीआईपी ट्रीटमेंट दिलवा रहे थे। 

अपनी जगह अपने भाई को सरकारी कार्यक्रम में भेज रहे थे सहनी

बता दें पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के मंत्री मुकेश सहनी अपने भाई को अपनी जगह सरकारी कार्यक्रम में भेज रहे थे। सहनी अपने भाई को मंत्री की सरकारी गाड़ी से जिलों में भेज रहे थे जहां उन्हें वीआईपी ट्रीटमेंट दिया रहा था। मंत्री सहनी का भाई सरकारी कार्यक्रम में वीआईपी गेस्ट बन रहा था और लाभुकों के बीच सरकारी योजनाओं को बांट रहा था। खबर सामने आने के बाद विपक्ष का हंगामा लगातार जारी है। विपक्ष के हमले के बाद शनिवार को सीएम नीतीश ने कहा कि मंत्रियों को अपनी जगह रिश्तेदार या पार्टी के किसी पदाधिकारी को सरकारी कार्यक्रम में भेजना गलत है। हालांकि उन्होंने आगे कहा था कि मुकेश सहनी ने अनजाने में यह गलती की है। उन्होंने गलती स्वीकार कर ली है लिहाजा इस प्रकरण को खत्म कर देना चाहिए।  



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