अपने साथ हुए अन्याय को लेकर जनता के बीच जाएंगे मुकेश सहनी, कहा- मेरे विभाग के लिए नीतीश सरकार ने नहीं दिया फंड

अपने साथ हुए अन्याय को लेकर जनता के बीच जाएंगे मुकेश सहनी, कहा- मेरे विभाग के लिए नीतीश सरकार ने नहीं दिया फंड

PATNA : अति पिछड़ा के बेटे के साथ किस तरह का अन्याय हुआ, यह बात लेकर जनता के बीच जाऊंगा। इसके लिए अगले माह से पूरे प्रदेश का दौरा करुंगा और उनके से मांगूगा कि मेरे साथ जो अन्याय हुआ, उसमें न्याय दिलाएं। अब अगर उनमें हिम्मत है तो कहीं भी आकर फरिया लें। इस दौरान सहनी ने नीतीश कुमार सरकार पर गंभीर आरोप लगाते कहा कि मेरे विभाग के लिए वित्त विभाग से फंड रिलीज नहीं किया जा रहा था। हमें काम करने से रोकने की कोशिश की जा रही थी।

जब तक एनडीए का पार्ट था। तब तक बड़ा नेता था। कल तक साथ था तो बड़ा नेता था, लेकिन मेरे लिए उनका नजरिया बदल गया। मेरे खिलाफ जांच की मांग की जाने लगी। उनके लिए रामचंद्र जी को नैय्या पार लगानेवाला केवट था, लेकिन आज रावण बना दिए। इस दौरान उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल के आरोपों को पर जवाब देते हुए जमकर निशाना साधा 

मुकेश सहनी ने कहा कि संजय जी बड़ी पार्टी के बड़े नेता हैं।  उन्हें जो भी बोलना है, उसे सोच समझकर बोलना चाहिए। मुकेश सहनी ने कहा कि मुझ पर आरोप लगाया गया कि मैं सहकारिता में मछुआरों को नया सदस्य बना रहा हू। जबकि यह विभाग मेरे अधीन नहीं है। सहकारिता के बीजेपी कोटे के मंत्री सुभाष सिंह हैं। मेरा उद्देश्य सिर्फ अधिक से अधिक मछुआरों को सरकारी योजना का लाभ दिलाना था।

केंद्र और राज्य सरकार नहीं दे रही थी पैसा

मत्स्य पालकों के लिए वित्त विभाग द्वारा पैसा रिलीज नहीं किया जा रहा है। विभाग के लिए आवंटित राशि का 30 फीसदी भी खर्च नहीं करने दिया गया। यहां तक कि मत्स्य संपदा योजना के तहत एक साल में 125 करोड़ देने की बात कही गई थी, लेकिन सिर्फ 20 करोड़ रुपए दिए गए। यह लोग पैसा नहीं दे रहे थे क्योंकि इन्हें डर था कि इससे मछुआरों का वोट बैंक मेरा साथ आ जाएगा। जो लोग मुझ पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं कि वह पूरी जांच करा लें। कोई भी गड़बड़ी सामने आती है तो मै यही हूं। मुकेश सहनी ने भाजपा नेताओं  के लिए कहा  कि  यह लोग वह हैं जो गणेश जी की मूर्ति को भी दूध पिला सकते हैं। 

सबकी वीडियो बना रहा हूं 

मुकेश सहनी ने कहा कि मेरे खिलाफ बोलनेवालों का वीडियो जुटा रहा हूं। जो जो आरोप लगाए गए हैं. उन सभी का जवाब मैं आनेवाले चुनाव में दूंगा। मुझ पर जो भी झूठे आरोप लगाए गए, उसका उन्हें जवाब देना होगा।

सिर्फ मछुआरों की फिक्र 

कहने को तो मुकेश सहनी बिहार के मत्स्य मंत्री होने के साथ पशुपालन मंत्री भी थे। लेकिन अपने प्रेस वार्ता में उन्होंने एक बार भी दूसरे पशुपालकों की दशा को लेकर कोई जिक्र नहीं किया। उनका पूरा फोकस सिर्फ राज्य के 50 लाख मछुआरों की जिंदगी को लेकर था। मुकेश सहनी की नाराजगी सिर्फ इसलिए नजर आई कि केंद्र सरकार मछुआरों के लिए फंड जारी नहीं कर रही थी।


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