गौरवशाली क्षण होगा सिमरिया में मोरारी बापू रामकथा और दिनकर साहित्य महाकुंभ का विराट आयोजन: केदारनाथ सिंह

गौरवशाली क्षण होगा सिमरिया में मोरारी बापू रामकथा और दिनकर साहित्य महाकुंभ का विराट आयोजन: केदारनाथ सिंह

PATNA : राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की धरती सिमरिया एकबार फिर ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रही है। बेगूसराय जिले के सिमरिया में जन्म लेने वाले राष्ट्रकवि की रजनाएं एक फिर नये स्वरुप में दुनिया के सामने आएंगी, जहां उनका जन्म हुआ उसी गंगा घाट पर दुनिया का सबसे बड़ा साहित्य और धर्म का महाकुंभ लगेगा। रामधारी सिंह दिनकर के पुत्र केदारनाथ सिंह इसको लेकर काफी उत्साहित हैं। केदारनाथ सिंह ने कहा कि वो क्षण गौरवमयी होगा जब साहित्य के साथ भक्ति का रंग जुड़ेगा। 

केदारनाथ सिंह ने कहा कि 1 से 9 दिसंबर तक रामकथा और साहित्य महाकुंभ में पूरे देश के साहित्य और धर्म प्रेमी जुटेंगे। यह बिहार के लिए गौरवान्वित करने वाला पल होगा। मोरारी बापू की चाहत है कि रामकथा के साथ साहित्य का भी लोग लाभ उठाएं। इसी मकसद से इस आयोजन का फैसला किया गया है।

दिनकर जी के पुत्र केदारनाथ सिंह ने कहा कि आज के दौर में साहित्य और कला पक्ष का ह्रास हो रहा है। इस आयोजन से युवा वर्ग में इसको लेकर चेतना जागृत होगी। गौरव का क्षण होगा दिनकर साहित्य महाकुंभ।

1 से 9 दिसंबर तक आयोजन

गौरतलब है कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की स्मृति में सिमरिया में रामकथा सह साहित्य महाकुंभ का विराट आयोजन किया जा रहा है। 1 दिसंबर से 9 दिसंबर तक चलने वाले समारोह में पूर्वाह्न में सुप्रसिद्ध कथा वाचक मोरारी बापू द्वारा रामकथा तथा अपराह्न में साहित्य महाकुम्भ का आयोजन किया जा रहा है। साहित्य महाकुम्भ में साहित्य सत्र एवं सांस्कृतिक ओलम्पिक का आयोजन किया जाएगा। साहित्य महाकुंभ में विश्व के 167 देशों के एनआरआई साहित्यकार, पत्रकार और धर्मावलंबी भाग लेंगे। देश भर के धर्म, साहित्य और सांस्कृति से जुड़े लोग इसमें मौजूद रहेंगे। आयोजन में भारतीय संस्कृति पर विश्व के कई देशों के संस्कृति प्रेमी अपनी कला का प्रदर्शन कर अभिराम छटा बिखेरेंगें।

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