मुस्लिम संगठन पोपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर कसा शिकंजा, 8 राज्यों में 25 से अधिक ठिकानों पर छापामारी

मुस्लिम संगठन पोपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर कसा शिकंजा, 8 राज्यों में 25 से अधिक ठिकानों पर छापामारी

DESK. टेरर फंडिंग और देशविरोधी गतिविधियों के चलते केंद्र सरकार के राडार पर आए चरमपंथी मुस्लिम संगठन पोपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के ठिकानों पर एक बार फिर छापामार कार्रवाई की गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) समेत दूसरी एजेंसियों ने दोबारा PFI के 8 राज्यों में 25 से अधिक ठिकानों पर छापा मारा है। ऐसा पहले से तय था कि PFI के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

एनआईए की गिरफ्त में आए केरल से पीएफआई मेंबर शफीक पायथे ने पूछताछ में खुलासा किया था कि इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पटना रैली पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के टारगेट पर थी। NIA को इसी से रिलेटेड कुछ लीड मिली थीं, जिसके बाद यह छापे मारे गए। NIA समेत अन्य एजेंसियों ने लोकल पुलिस के साथ मिलकर इस छापेमारी को अंजाम दिया। सूत्रों के मुताबिक, पीएफआई के कई सदस्यों को हिरासत में भी लिया गया है।

आतंकी गतिविधियों में शामिल लोगों की ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां : इस छापेमारी के दौरान कर्नाटक के कोलार से 6 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इसके अलावा SDPI के सचिव को भी पकड़ा गया है। असम से भी पीएफआई से जुड़े चार लोगों को कल नगरबेरा इलाके से हिरासत में लिया गया था। असम के एडीजीपी (विशेष शाखा) हिरेन नाथ के अनुसार,  इससे पहले असम पुलिस ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से पीएफआई के कार्यकर्ताओं के 11 नेताओं और दिल्ली से एक नेता को गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली के जामिया, शाहीन बाग में भी पीएफआई के ठिकानों पर छापेमारी हुई है। यहां से भी कई संदिग्धों को पकड़ा गया है। उत्तर प्रदेश के मेरठ और बुलंदशहर में ATS ने छापा मारा है।

22 सितंबर को ऑपरेशन ऑक्टोपस के तहत मारे गए थे छापे : इससे पहले 22 सितंबर को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी(NIA) के नेतृत्व में मल्टी-एजेंसी टीमों ने देश में आतंकी गतिविधियों को कथित रूप से समर्थन देने(Terror funding and training) के आरोप में 15 राज्यों में 93 स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर PFI के 106 पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया था। इस टीम में प्रतर्वन निदेशालय(ED) भी शामिल था। अधिकारियों ने कहा कि PFI के गढ़ केरल में सबसे ज्यादा 22 गिरफ्तारियां हुई थीं।  गिरफ्तार किए गए लोगों में पीएफआई के प्रदेश अध्यक्ष सीपी मोहम्मद बशीर, राष्ट्रीय अध्यक्ष ओएमए सलाम, राष्ट्रीय सचिव नसरुद्दीन एलमारम, पूर्व अध्यक्ष ई अबूबकर और अन्य शामिल हैं। इस छापेमारी से बौखलाए संगठन ने 23 सितंबर को देशव्यापी बंद का ऐलान किया था। हालांकि इसका असर केरल आदि कुछ राज्यों में ही आंशिक दिखा था।

हाल में महाराष्ट्र एनआईए ने खुलासा किया था कि पीएफआई ने बीजेपी के टॉप लीडर्स व आरएसएस को निशाना बनाने की साजिश रची थी। दशहरा पर आरएसएस मुख्यालय व बीजेपी नेताओं को निशाना बनाने की फिराक में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया था। पूरी तैयारियां थीं लेकिन इसके पहले एनआईए ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।


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