मुजफ्फरपुर बालिका गृह शोषण कांड : 2 मार्च से शुरु होगी बहस, सीबीआई ने दो विशेष सरकारी वकील नियुक्त किये

मुजफ्फरपुर बालिका गृह शोषण कांड : 2 मार्च से शुरु होगी बहस, सीबीआई ने दो विशेष सरकारी वकील नियुक्त किये

NEW DELHI : केंद्रीय जांच ब्यूरो  ने बुधवार को दिल्ली की एक अदालत को बताया कि मुजफ्फरपुर आश्रय गृह यौन शोषण मामले में उसने दो विशेष सरकारी वकीलों को नियुक्त किया है। दलील सुनने के बाद अदालत ने दोनों पक्षों को सुनवाई की अगली तारीख दो मई से जिरह शुरू करने का निर्देश दिया।

साकेत कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ कुलश्रेष्ठ ने सीबीआई को निर्देश दिया कि यदि वह इस मामले में अतिरिक्त आरोपपत्र दायर करना चाहती है तो यह 15 दिनों के अंदर किया जाए। जांच एजेंसी ने वकील अमित जिंदल और आर एन सिन्हा को विशेष सरकारी वकील नियुक्त किया है। इन दोनों वकीलों ने अदालत से कहा कि बहस शुरू करने के लिए उन्हें कुछ वक्त चाहिए क्योंकि एजेंसी ने कल रात ही अधिसूचना जारी की है। इस पर अदालत ने कहा, ‘‘दोनों की पक्षों को दो मार्च से बहस शुरू करने का निर्देश दिया गया है।’’

सोमवार को उसने जांच एजेंसी की इस यौन हमला कांड में सरकारी वकील की नियुक्ति में देरी पर खिंचाई की थी और चेतावनी दी थी कि अदालत के आदेश का पालन करने में कोई भी लापरवाही अदालत की अवमानना होगी और इसके लिए एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अदालत ने कहा था, ‘‘इस बात की उम्मीद मत कीजिए कि अदालत अधिसूचना जारी होने के लिए हफ्ते भर का इंतजार करेगी। जितना हम शीर्ष अदालत के आदेश से बंधे हैं, उतना ही आप भी उसके आदेश से बंधे हैं। हमें उस स्थिति में मत ले जाएं जहां हमें शीर्ष अदालत को लिखना पड़े की सीबीआई अदालत की अवमानना कर रही है। आप पहले ही एक बार अदालत की अवमानना का सामना कर चुके हैं।’’

 शीर्ष अदालत ने सात फरवरी को आदेश दिया था कि मुजफ्फरपुर आश्रय गृह यौन शोषण मामले की सुनवाई साकेत की बाल यौन अपराध सुरक्षा अधिनियम (पोक्सो) अदालत में स्थानांतरित की जाए। साकेत अदालत रोजाना आधार पर छह महीने में इसकी सुनवाई पूरी करे। मुजफ्फरपुर में एनजीओ संचालिए एक आश्रय गृह में कई लड़कियों के साथ कथित रूप से बलात्कार किया गया था और उनका यौन शोषण किया गया था। यह मामला टाटा समाज विज्ञान संस्थान की रिपोर्ट के बाद सामने आया था।

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