मुजफ्फरपुर एईएस का केंद्र है तो गया जेई का केंद्र है, बोले मगध प्रमंडल के आयुक्त पंकज कुमार पाल

मुजफ्फरपुर एईएस का केंद्र है तो गया जेई का केंद्र है, बोले मगध प्रमंडल के आयुक्त पंकज कुमार पाल

GAYA : बुधवार को बोधगया में ए.ई.एस./ जे.ई रोग से बचाव की तैयारी पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया. यूनिसेफ के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला की अध्यक्षता मगध प्रमंडल के आयुक्त पंकज कुमार पाल ने की. उन्होंने दीप प्रज्जवलित कर इस कार्यशाला की शुरुआत की. 

इस अवसर पर गया जिलाधिकारी अभिषेक सिंह,  औरंगाबाद जिलाधिकारी राहुल रंजन महिवाल, नवादा जिलाधिकारी कौशल कुमार, अरवल जिलाधिकारी रविशंकर चौधरी और जहानाबाद जिलाधिकारी नवीन कुमार, अपर कार्यपालक निदेशक राज्य स्वाथ्य समिति करुणा कुमारी, नालंदा के उप विकास आयुक्त उपस्थित थे. वही इस कार्यशाला में मगध प्रमंडल के सभी जिलों और नालंदा के सिविल सर्जन, एसीएमओ, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, डीपीआरओ, डीपीओ आईसीडीएस, बीडीओ और केटीएस शामिल हुए.

इस अवसर पर मगध प्रमंडल के आयुक्त ने कहा कि यदि मुजफ्फरपुर एईएस का केंद्र है तो गया जेई का केंद्र है. इसकी रोकथाम में आशा वर्कर से लेकर सबसे वरीय चिकित्सक की भूमिका महत्वपूर्ण है. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि पीएचसी लेवल से मेडिकल कॉलेज लेवल तक सभी लोगों को अपनी भूमिका का निर्वहन करना होगा. उन्होंने कहा की सर्वेक्षण में पाया गया है कि जेई के अधिकतर मामले निर्धन परिवार से आ रहे हैं, जिसमें कुपोषण और हाइपोग्लेसीनीया प्रमुख कारण है. 

उन्होंने सभी जिलाधिकारी को पीएससी में एंबुलेंस की व्यवस्था रखने का निर्देश दिया. साथ ही आईसीडीएस की ओर से जागरूकता कार्यक्रम सरजमीन पर कराने का निर्देश दिया. स्वच्छता पर लोगों को ध्यान रखने को कहा. आशा वर्कर को घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने के साथ बीमार बच्चों का भी पता लगाना होगा ताकि समय पर उनका उपचार कराया जा सके. इस संबंध में लोगों को जानकारी देनी होगी कि जेई टीकाकरण में छूटे हुए बच्चे को पुनः टीकाकरण किया जाए. 

गया से मनोज कुमार की रिपोर्ट 



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