मुजफ्फरपुर कांड : समाज कल्याण विभाग के निदेशक को पद से हटाने की सिफारिश

मुजफ्फरपुर कांड : समाज कल्याण विभाग के निदेशक को पद से हटाने की सिफारिश

PATNA : मुजफ्फरपुर कांड पर पूरे देश मे बिहार की भद्द पिटने के बाद अब समाज कल्याण विभाग नींद टूट रही है। 13 अफसरों को निलंबित करने के बाद आज विभाग के निदेशक को पद से हटाने की सिफारिश की गयी।

निदेशक राज कुमार को पद से हटाने की सिफारिश

समाज कल्याण विभाग के निदेशक राजकुमार तीन निदेशालयों का जिम्मा संभाल रहे हैं। अब निदेशक राज कुमार को पद से हटाने की अनुशंसा की गई है। प्रधान सचिव अतुल प्रसाद ने सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिखकर निदेशक को हटाने की मांग की है। पत्र में उल्लेख है की एक अधिकारी कई निदेशालय का काम देख रहे  हैं। इस लिए परेशानी हो रही। वे काम के बोझ तले दबे हुए हैं। इस लिए उन्हें निदेश के पद से राजकुमार हटाया जाए। राजकुमार अभी सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तीकरण और समाज कल्याण निदेशालय के निदेशक पद पर हैं।

राज कुमार के दस्तखत से ब्रजेश को जारी हुए थे 40 लाख

सीबीआइ जांच शुरू होने के बाद एक अहम बात सामने आयी है। मुजफ्फरपुर कांड में जिस दिन ब्रजेश ठाकुर और उसके सहयोगियों पर FIR  दर्ज हुआ था उसी दिन ब्रजेश की संस्था को 40 लाख रुपये का टेंडर पास किया गया था। यह टेंडर समाज कल्याण निदेशक राज कुमार की दस्तखत से जारी किया गया था। लेकिन जब इस टेंडर पर विवाद शुरू हो गया तो इसे आनन-पानन में रद्द कर दिया गया था। विवादित ब्रजेश को इस हालात में भी किसके आदेश पर टेंडर पास किया गया, इस पर विभाग ने खामोशी ओढ़ रखी है। सीबीआइ ने इसको गंभीर मसला माना है। सीबीआइ की टीम उन अफसरों की कुंडली खंगाल रही है जो इस टेंडर से जुड़े थे।

 विभाग को मालूम नहीं कि ब्रजेश की संस्था को कितने रुपये दिये गये

मुजफ्फरपुर कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर की संस्थाओं को सरकार ने कितना फंड दिया, समाज कल्याण विभाग के पास इसका पूरा ब्योरा नहीं है। ब्रजेश की संस्थाओं को फंड रीलिज करने का रिकॉर्ड विभाग में उपलब्ध नहीं है। सीबीआइ ने इस पहलू को अपनी जांच में सबसे ऊपर रखा है।

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