मुजफ्फरपुर में पांच मौतों के बाद एसएसपी ने की कार्रवाई, थाना प्रभारी और सर्किल इंस्पेक्टर को किया सस्पेंड

मुजफ्फरपुर में पांच मौतों के बाद एसएसपी ने की कार्रवाई, थाना प्रभारी और सर्किल इंस्पेक्टर को किया सस्पेंड

MUZAFFARPUR : मुजफ्फरपुर जिला के कटरा थाना इलाके के दरगाह क्षेत्र में हुए संदिग्ध मौत मामले में एसएसपी जयंत कांत ने बड़ी कार्रवाई की है. एसएसपी ने कटरा थाना प्रभारी सिकंदर कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. वे निलंबन अवधि में पुलिस लाइन में योगदान देंगे. वहीं कटरा सर्किल के इंस्पेक्टर मिथलेश झा को भी हटाया गया है. इसी बीच सभी संदिग्ध मौत की जांच चलेगी. वहीं एक मृतक के पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद अन्य रिपोर्ट आने के बाद आगे भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है. 

बता दे की कटरा थाना क्षेत्र के दरगाह गांव में हुई संदिग्ध मौत 48 घंटे बाद भी रहस्यमय बनी हुई है. स्थानीय स्तर पर जहां जहरीली शराब को कारण माना जा रहा है. वहीं स्वजनों द्वारा बीमारी का हवाला देकर कांड की इतिश्री करने की पहल जारी है. लोग जांच के तरीके पर भी सवाल उठा रहे हैं. शुक्रवार को घटना की जांच के लिए श्वान दस्ता को लाया गया था. लोगों की जिज्ञासा बढ़ी कि शायद इस पहल से मौत के कारण की परत खुलेगी. लेकिन, श्वान दस्ता दिन भर थाना परिसर में ही बैठा रह गया. बगैर क्षेत्र का दौरा किए ही श्वान दस्ता मुख्यालय लौट गया. लोग इस कौतूहल को देखने को जिज्ञासु थे कि किस तरह सच्चाई से पर्दा उठेगा, उन्हें निराशा हाथ लगी. 

अलबत्ता एसएसपी जयंत कांत ने गुरुवार की रात अंधेरे में घर-घर की तलाशी लेकर आशंकाओं के बादल छांटने का प्रयास अवश्य किया. लेकिन, शुक्रवार को दिन में तलाश को दोहराने की आवश्यकता थी. लोगों को आशंका थी कि आसपास के खेतों में तलाशी अभियान से कुछ साक्ष्य मिल सकेंगे. लेकिन, ऐसा नहीं होने से जांच पूरी नहीं मान रहे.  गांव के अधिकांश लोगों के घर छोड़ कर छुपने से संशय गहराने लगा. लोग इसे भय और दहशत का नतीजा मान रहे हैं. इसपर भी सवाल उठाया जा रहा है कि बीमारी से मौत होने पर भय किससे. 

जबकि एसएसपी ने लोगों को प्यार से समझाया कि अगर और भी कोई बीमार है तो बताएं, उसकी बेहतर चिकित्सा कराई जाएगी. लेकिन किसी ने बीमार नहीं बताया. इसके बाद भी हुई मौत का कारण बीमारी बताकर पीडि़त स्वजनों ने भय और दहशत को आमंत्रित किया. शुक्रवार को भी कई लोगों के छुपकर इलाज कराने की बात कही जाती रही. लेकिन वे कौन लोग हैं और कहां इलाज करवा रहे हैं. इसकी जानकारी स्वजनों ने नहीं दी. इस तरह सामूहिक रूप से पलायन आशंकाओं को जन्म दिया और बीमारी की बात लोगों को गले से नीचे नहीं उतरी. 

मुजफ्फरपुर से राहुल कुमार की रिपोर्ट 

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