मुजफ्फरपुर ऑटो टिप्पर घोटाले में मेयर के खिलाफ चार्जशीट होगी दायर, सरकार ने दी अनुमति

मुजफ्फरपुर ऑटो टिप्पर घोटाले में मेयर के खिलाफ चार्जशीट होगी दायर, सरकार ने दी अनुमति

MUZAFFARPUR: जिले के नगर निगम में तीन करोड़ 80 लाख के ऑटो टिप्पर घोटाले में मुजफ्फरपुर नगर निगम के मेयर सुरेश कुमार की संलिप्तता पर नगर विकास विभाग ने भी अपनी मुहर लगा दी है. निगरानी जांच में उनके विरुद्ध प्राप्त साक्ष्य के आधार पर अभियोजन चलाने की स्वीकृति दे दी गयी है. 

निगरानी के एसपी ने विभाग से अनुमति मांगी थी. अब मेयर के खिलाफ निगरानी विभाग कभी भी चार्जशीट दाखिल कर सकती है. अब यह माना जा रहा है कि ऐसी स्थिति में निगरानी विभाग मेयर की गिरफ्तारी कर सकती है. वही अब दूसरी ओर पार्षद का विपक्षी खेमा कई सवाल उठा रहा है. कोई नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा देने की बात कह रहा है तो कोई तत्काल कोर्ट में सरेंडर करने की मांग उठा रहा है ऐसे में आगे क्या कुछ मेयर कर पाते है यह देखना दिलचस्प होगा.  

वही दुसरी तरफ पूरे मामले में पूछे जाने पर मेयर सुरेश कुमार ने कहा कि यह राजनीति का खेल है. मेयर ने कहा कि घोटाला कहां हुआ है जिस टिप्पर को खरीदना था वो खरीद हुआ ही है. 10% काटकर पेमेंट किया जा चुका है. न तो हम टेंडर कमिटी में थे न ही क्रय समिति में अगर घोटाला साबित हुआ तो हम खुद इस्तीफा दे देंगे.

बीते वर्ष 2017 के अंत मे 50 ऑटो टिप्पर की खरीदारी के लिए टेंडर प्रक्रिया हुई. कम कीमत वाली कम्पनी को छोड़कर अधिक कीमत वाली कम्पनी से खरीदारी की गई ऐसा आरोप लगा है. तिरहुत ऑटो मोबाइल ने निगरानी में इसकी शिकायत की मामले में निगरानी ने मेयर सुरेश कुमार,पूर्व नगर आयुक्त रमेश प्रसाद रंजन,पूर्व एडीएम रंगनाथ चौधरी, 6 इंजीनियर और मौर्या मोटर को आरोपी बना मामला दर्ज कर दिया. 

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