मुजफ्फरपुर के इस थाने में नहीं रहना चाहता कोई पुलिसकर्मी, जानिए वजह

मुजफ्फरपुर के इस थाने में नहीं रहना चाहता कोई पुलिसकर्मी, जानिए वजह

MUZAFFARPUR : मुजफ्फरपुर में जिसके कंधों पर थाना क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की कमान हैं. वही खौफनाक मंजर में डर डर के जीते हैं. हम बात कर रहे हैं मुजफ्फरपुर शहर से सटे बेला थाना की, जहाँ आज भी पुलिसकर्मी डर डर के रात को सोते हैं. इस थाना क्षेत्र में उत्तर बिहार का औद्योगिक इलाका है. जहाँ महज कुछ घंटे की बरसात ने थाना के कार्यालय, थानाध्यक्ष के कक्ष समेत चारों तरफ झील सा बन गया है. पहले से पुलिस बैरक समेत थाने की सभी भवन काफी जर्जर हालत में है. पुलिसकर्मी चारों तरफ से घिरे पानी के बीच रहने को मजबूर और बेबस है. 

इस कोरोना महामारी में ही प्रशासन के इन नुमाइंदे की बदौलत ही संक्रमण का ग्राफ नीचे जा रहा है. जिसका मुख्य कारण है पुलिस प्रशासन के इन नुमाइंदे दिन रात एक करके लॉकडाउन को सफल बना रहे है. आज वही डर डर के जी रहे है. ऐसी बेबसी शायद कहीं नही मिलेगी. जिसे शौच के लिए घुटना तक पानी में जाना हो. इधर बिहार सरकार के द्वारा घर घर शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है तो दूसरी तरफ बेला था इन लोगो के लिए परेशानी का सबब बना है. इसकी जानकारी वरीय पदाधिकारी को भी दी जा चुकी है. लेकिन इन वरीय पदाधकारी को देखे तो वे किसी बड़ी घटना के इंतजार में है. लगता है सरकार की हर घोषणा केवल कागजों में सिमट कर रह जायेगी. तभी तो कुछ मिनटों की बारिश में बेला थाना तालाब की शक्ल में तब्दील हो जाता है.  लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि सरकारी पुलिस भवनों का हालात ये है तो अन्य सरकारी भवनों की हालात आप खुद अंदाजा लगा सकते है. 

हालाँकि आप को बता दें कि ये समस्या इस वर्ष की ही नही है. पिछले कई वर्षों से यह हर बरसात में डूबता आ रहा है. बेला थाना में एक तरफ जर्जर भवन के गिरने का डर है तो दूसरी तरफ भवन के अंदर तक बरसात के पानी के सहारे सांप,बिच्छू एवं जहरीले कीड़े मकोड़े का डर. 

मुजफ्फरपुर से अरविन्द अकेला की रिपोर्ट 



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