DTO के बाद MVI: निगरानी ब्यूरो ने मोटरयान निरीक्षक समेत दो पर घूस मांगने का दर्ज किया केस

DTO के बाद MVI: निगरानी ब्यूरो ने मोटरयान निरीक्षक समेत दो पर घूस मांगने का दर्ज किया केस

PATNA: सुशासन की सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। सरकारी विभागों के अधिसंख्य अफसर-कर्मी अवैध कमाई में लिप्त हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों पर लगातार भ्रष्टाचार में लिप्त होने की शिकायत मिल रही है। मुजफ्फरपुर के डीटीओ रजनीश लाल के आवास पर तीन दिन पहले निगरानी ब्यूरो की रेड में 51 लाख रू नकद बरामद किया गया। इसके अलावे जेवरात व संपत्ति के कागजात मिले हैं। अब एक नया मामला सामने आ गया है। परिवहन विभाग के ही एक इंस्पेक्टर पर अवैध कमाई में लिप्त रहने का केस दर्ज हुआ है। गया के एमवीआई के खिलाफ निगरानी ब्यूरो ने 4 लाख रू रिश्वत मांगने का केस दर्ज किया है। ब्यूरो ने रेड भी किया लेकिन एमवीआई बच निकले थे। 

गया एमवीआई पर 4 लाख रिश्वत मांगने का केस दर्ज

 निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने 4 लाख रू घूस मांगने के मामले में गया के मोटरयान निरीक्षक और एक मुंशी बाबा के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है. निगरानी ने एमवीआई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर शनिवार को ही निगरानी की विशेष न्यायाधीश की अदालत में सौंप दी है. निगरानी में दर्ज केस के अनुसार मामले के सूचक के पास दो ट्रक थे ,जिनसे वह हजारीबाग से गिट्टी लाता था। गया के एमवीआई के मुंशी बाबा ने आवेदक से 4 लाख रू महीना देने को कहा अन्यथा ट्रक सीज कर लेने की बात कही. इस पर जब सूचक ने मोटरयान निरीक्षक त्रिपाठी से बात की तो उसने भी बाबा की बात में हां में हां मिलाया और कहा कि 4 लाख रू देना होगा.

सूचक की सूचना पर निगरानी ब्यूरो ने आरोपी के खिलाफ निगरानी थाने में कांड दर्ज कर पकड़ने गई तो निगरानी ब्यूरो को इसमें सफलता नहीं मिली। इस तरह से गया का एमवीआई निगरानी के गिरफ्त में जाने से बाल-बाल बच गया। 

Find Us on Facebook

Trending News