न्यूज4नेशन का बड़ा असरः MVI अमिताभ को 48 घंटे में ही हटाया गया, परिवहन विभाग ने निलंबन मुक्त कर भोजपुर में की थी पोस्टिंग

न्यूज4नेशन का बड़ा असरः  MVI अमिताभ को 48 घंटे में ही हटाया गया, परिवहन विभाग ने निलंबन मुक्त कर भोजपुर में की थी पोस्टिंग

पटनाः भ्रष्टाचार के आरोप में घिरे और चार सालों से निलंबित चल रहे परिवहन विभाग के एमवीआई अमिताभ कुमार के आवेदन पर परिवहन विभाग ने काफी मेहरबानी दिखाई. चार सालों से निलंबित एमवीआई का निलंबन तोड़कर सीधे जिला में पदस्थापित कर दिया था। भ्रष्टाचार के आरोप में गंभीर रूप से घिरे एमवीआई अमिताभ कुमार का निलंबन हटाकर जिला पोस्टिंग का मामला काफी चर्चा में आ गया। न्यूज4नेशन ने इस मामले का खुलासा किया तो हड़कंप मच गया। इसके बाद कार्रवाई शुरू हुई। उपर के स्तर पर इस मामले में संज्ञान लिया गया। इसके बाद परिवहन विभाग ने अपने आदेश में संशोधन किया है और आरोपी एमवीआई को भोजपुर से हटा दिया गया है। 

भोजपुर एमवीआई से हटाया गया 

परिवहन विभाग ने भ्रष्टाचार के आरोप में गंभीर रूप से घिरे अमिताभ कुमार का निलंबन हटाकर भोजपुर एमवीआई के पद पर पदस्थापित किये जाने वाले आदेश में संशोधन किया है। उन्हें भोजपुर एमवीआई से पद से हटा दिया गया है और परिवहन मुख्यालय में पदस्थापित किया गया है। विभाग के उप सचिव ने अपने आदेश में कहा है कि 22 जून के आदेश में बदलाव किया जा रहा है। अब अमिताभ कुमार को मुख्य़ालय में मोटर यान निरीक्षक के खाली पद पर पदस्थापित किया जाता है।   

13 तारीख को नोटिस,15 को जवाब और 22 को पोस्टिंग

परिवहन विभाग ने 22 जून को एक आदेश जारी किया था। विभाग के उप सचिव के हस्ताक्षर से ऑर्डर जारी किया गया था. ऑर्डर देखने से यह पता चल रहा था कि भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरे एमवीआई की पोस्टिंग में काफी तेजी दिखाई गई। निलंबित एमवीआई अमिताभ कुमार के आवेदन पर परिवहन विभाग ने विचार किया। फिर भ्रष्टाचार में निलंबित चल रहे एमवीआई को 13 जून को नोटिस देकर पक्ष रखने को कहा गया।  आरोपी ने दो दिन बाद यानि 15 जून को अपना पक्ष रखा और विभाग ने 22 जून को निलंबन तोड़ते हुए एक ही आदेश में पोस्टिंग भी कर दिया। यानि पूरी प्रक्रिया महज कुछ दिनों में ही पूरी कर ली गई। 

26 मई को निलंबित एमवीआई ने दिया था आवेदन 

22 जून को परिवहन विभाग के पत्र में कहा गया है कि निलंबित एमवीआई अमिताभ कुमार द्वारा निलंबन मुक्त करने जीवन निर्वाह भत्ता का भुगतान एवं विभागीय कार्यवाही का शीघ्र निष्पादन करने संबंधी दावों पर पटना हाईकोर्ट में अपील दाखिल किया था . केस की सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने 17 मई 2022 को न्यायादेश पारित किया. इस आलोक में निलंबित एमवीआई अमिताभ कुमार ने 26 मई 2022 को अनुशासनिक प्राधिकार यानी कमिश्नर को आवेदन समर्पित किया. उस आवेदन पर अनुशासनिक प्राधिकार ने विचार किया.  पक्ष रखने के लिए 13 जून को नोटिस निर्गत किया गया। नोटिस पर अगले 2 दिन बाद यानी 15 जून को ही निलंबित एसबीआई ने लिखित एवं मौखिक रूप से अपना पक्ष रखा. पक्ष में अनुरोध किया गया कि निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता का भुगतान नहीं हुआ है. ऐसे में जीवन निर्वाह भत्ता का भुगतान किया जाए. साथ ही निलंबन के प्रथम वर्ष 50% एवं उसके बाद के वर्षों में वृद्धि कर जीवन निर्वाह भत्ता का भुगतान करने पर विचार किया जाए. साथ ही तीसरा यह कि वे 4 वर्ष 3 माह तक निलंबित रहे हैं,  ऐसे में निलंबन मुक्त किया जाये।

 परिवहन विभाग ने आर्थिक अपराध इकाई पर फोड़ा ठीकरा 

परिवहन विभाग के आदेश में कहा गया कि शिवहर के तत्कालीन मोटरयान निरीक्षक अमिताभ कुमार ने हाई कोर्ट का आदेश एवं सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र के आलोक में निलंबन मुक्त करने का आवेदन दिया. इस आधार पर विचार के बाद निलंबन मुक्त करने का निर्णय लिया गया. उप सचिव के पत्र में कहा गया है कि निलंबित एमवीआई ने मौखिक रूप से पक्ष रखा कि वह लंबी अवधि से निलंबित है. विभागीय कार्यवाही प्रभावित करने की स्थिति में नहीं है. जांच कार्य में आर्थिक अपराध इकाई एवं संचालन पदाधिकारी को सहयोग कर रहे हैं. ऐसे में निलंबन मुक्त करने पर विचार किया जाए.


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