नवादा : हीट वेव से मरीज हलकान, सिविल सर्जन रो रहे डॉक्टरों की कमी का रोना

नवादा :  हीट वेव से मरीज हलकान, सिविल सर्जन रो रहे डॉक्टरों की कमी का रोना

NAWADA : जिले में पिछले 36 घंटे से हीट वेव अपना कहर बरपा रहा है। लू लगने से शनिवार से शुरु हुआ मौत का सिलसिला सोमवार को जारी रहा। वहीं प्रतिदिन मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। 

शनिवार को दर्जन भर लोगों की मौत के बाद प्रशासन की ओर से जिले में चिकित्सा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किये जाने का दावा किया गया था, लेकिन वह सिर्फ सरकारी दावा ही साबित हुआ है। अस्पताल में मरीजों के इलाज में साधन-संसाधन की कमी खुलकर सामने आई तो अस्पताल प्रबंधन की बदइंतजामी ने सारी हदों को पार कर दिया है। 

लू से लोगों की मौत का सिलसिला जारी रहने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन नींद से नहीं जागा। हद तो यह कि पिछले तीन दिनों से अस्पताल में इलाज कराने के लिए मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा होता रहा, लेकिन डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या नहीं बढ़ाई गई। 

सदर अस्पताल में मरीजों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि के बीच बेड की भी कमी सामने आई। रविवार की रात 9 बजे से एकाएक मरीजों की संख्या बढ़ने लगी। जिसके चलते बेड की संख्या कम पड़ गई। लेकिन उस कमी को दूर करने के लिए अस्पताल प्रबंधन के अधिकारियों ने सक्रियता तक नहीं दिखाई। मरीजों की मदद में जुटे समाजसेवियों ने अस्पताल में उपस्थित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया। तब पुलिस महकमे के एक अधिकारी ने डीएम कौशल कुमार समेत अन्य अधिकारियों से बात कर समस्या से अवगत कराया। जिसके बाद दूसरे जगहों से रात 11:08 बजे बेड मंगाया गया और मरीजों को उपलब्ध कराया गया।
 वैसे कहने को तो सदर अस्पताल 300 बेड वाला है, लेकिन 50-60 बेड ही अस्पताल के विभिन्न वार्डों में लगा है। जानकारी के अनुसार, स्टोर में नए बेड पहले से उपलब्ध हैं बावजूद इसके अस्पताल प्रबंधन को बाहर से बेड मंगाना पड़ा। 

डीएम ने तीन शिफ्ट में स्वास्थ्य सेवाओं की सतत मॉनिटरिंग के लिए वरीय अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की है। सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक प्रथम पाली, 2 बजे दोपहर से रात्रि 10 बजे से द्वितीय पाली और रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक तृतीय पाली में अधिकारी प्रतिनियुक्ति किए गए हैं। इन्हें प्रतिदिन अस्पताल की व्यवस्था की रिपोर्टिंग करने और विधि व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। वहीं एएसपी अभियान कुमार आलोक भी लगातार अस्पताल में कैंप कर मरीजों को राहत उपलब्ध में मदद कर रहे हैं। 


डॉ. श्रीनाथ प्रसाद, सिविल सर्जन ने कहा कि जिले में चिकित्सकों की घोर कमी है। 280 के विरुद्ध महज 71 चिकित्सक ही पदस्थापित हैं। स्वास्थ्य कर्मियों की भी घोर कमी है। नालंदा से तीन डॉक्टर उपलब्ध कराए गए हैं, उन तीनों को सदर अस्पताल में प्रतिनियुक्त किया गया है। वहीं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, एसएनसीयू और एक अन्य स्थान से कुल छह एएनएम को भी सदर अस्पताल में प्रतिनियुक्त किया गया है। अस्पताल में बेड की कमी नहीं है।

नवादा से अमन सिन्हा की रिपोर्ट


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