नक्सलियों ने रची थी लखीसराय स्टेशन पर ट्रेन जलाने की साजिश, इस विवि के इतिहास का प्रोफेसर था मास्टरमाइंड

नक्सलियों ने रची थी लखीसराय स्टेशन पर ट्रेन जलाने की साजिश, इस विवि के इतिहास का प्रोफेसर था मास्टरमाइंड

LAKHISARAI : अग्निपथ योजना के नाम कुछ माह पहले बिहार मे कई ट्रेनों को आग के हवाले कर दिया गया था। जिनमें पुलिस ने एक हजार से अधिक छात्रों के खिलाफ नामजद एफआईआर किया था। लेकिन इस आगजनी को लेकर अब जो जांच रिपोर्ट सामने आई है, वह बेहद  ही चौंकाने वाला है। अब तक आगजनी में छात्रों की संलिप्तता की बात ही सामने आ रही थी, लेकिन ताजा खुलासे में यह बात सामने आई है कि इसमें नक्सली भी शामिल थे। जिसमें बड़ी भूमिका इतिहास के प्रोफेसर की थी।

लखीसराय स्टेशन से जुड़ा है मामला

अग्निपथ योजना में लखीसराय उन स्टेशनों में शामिल है, जहां सबसे पहले ट्रेनों में आगजनी की घटना हुई थी। यहां अग्निपथ योजना के विरोध में विक्रमशिला एक्सप्रेस और जनसेवा एक्सप्रेस को आग के हवाले कर दिया गया था। अब इस आगजनी की घटना को लेकर बताया जा रहा है कि ट्रेन को जलाने और हिंसा फैलाने में नक्सलियों के थिंक टैंक ने काम किया है। इस बात का खुलासा गिरफ्तार हार्डकोर नक्सली मनश्याम दास उर्फ राहुल उर्फ सुदामा पुलिस के सामने किया है।


तिलकामांझी विवि के प्रोफेसर की बड़ी भूमिका

लखीसराय एसपी के अनुसार लखीसराय स्टेशन पर आगजनी की घटना की साजिश में भागलपुर के तिलकामांझी विवि के इतिहास विभाग के प्रोफेसर विलक्षण रविदास ने बड़ी भूमिका थी। उन्होंने नक्सलियों के थिंक टैंक का एक ग्रुप बनाया और जिन्होंने ट्रेन को जलाने से लेकर कई तरह की हिंसा की घटनाओं को अंजाम दिया। खास तौर पर ट्रेन को जलाने में इनकी भूमिका अधिक रही है।

पुलिस के अनुसार प्रोफेसर के अलावा आरा के सुरेंद्र कोलकाता के ज्योतिष और लखीसराय के रौशन की भी भूमिका रही है। इन लोगों ने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से और विभिन्न कोचिंग संस्थानों में जाकर छात्रों को भड़का कर इस घटना को अंजाम दिलवाया है।

मदद पहुंचा रहे सफेदपोश

एसपी ने बताया कि यह सभी सफेदपोश नक्सली संगठनों को सीधे-सीधे मदद पहुंचा रहे हैं। एसपी ने बताया कि यह सभी सफेदपोश नक्सली संगठनों को सीधे-सीधे मदद पहुंचा रहे हैं और इनका नक्सली संगठन के बड़े और शीर्ष नेताओं से लगातार संपर्क है। लखीसराय के चार लड़कों को नक्सलियों के आर्मी कैडर में भेजा गया। पुलिस के एक अधिकारी की मानें तो लखीसराय के सफेदपोश का जंगल में सीधा आना जाना है।

प्रोफेसर ने किया इंकार

आगजनी की घटना में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में अपना नाम घसीटे जाने को लेकर वीवी के प्रोफेसर वी. रविदास की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि पहले भी माफियाओं व नक्सलियों की मिलीभगत से मुझे फंसाने की कोशिश की गई है। विवि के जमीन माफिया मुझे बदनाम कर रहे हैं। मेरा मोबाइल जांच करवा लें। मैं किसी नक्सली को नहीं जानता

Find Us on Facebook

Trending News