भ्रष्ट इंजीनियर का केस बनेगा 'नजीर'! धनकुबेर E.E को चौतरफा सजा दिलाने की तैयारी में 'निगरानी', ED भी कस सकती है शिंकजा...

भ्रष्ट इंजीनियर का केस बनेगा 'नजीर'! धनकुबेर E.E को चौतरफा सजा दिलाने की तैयारी में 'निगरानी', ED भी कस सकती है शिंकजा...

PATNA: निगरानी ब्यूरो पथ निर्माण विभाग के घूसखोर कार्यपालक अभियंता सुरेश प्रसाद सिंह केस को नजीर बनायेगी. धनकुबेर कार्यपालक अभियंता को ऐसी सजा दिलाने की तैयारी है, जिससे भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी सबक लें. साथ ही आने वाले दिनों में इस केस को उदाहरण के तौर पर पेश किया जा सके। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो इसी कोशिश में जुटी है। भ्रष्टाचार के आरोपी अभियंता सेवानिवृत हो चुके हैं.उनकी पेशन राशि को शून्य कर दिया गया है. दूसरी तरफ आय से अधिक संपत्ति केस में धनकुबेर कार्यपालक अभियंता सुरेश प्रसाद सिंह के खिलाफ निगरानी ब्यूरो चार्जशीट कर ट्रायल शुरू करा दी है. कोशिश है कि जल्द से जल्द गवाहों की गवाही पूरी हो जाए,ताकि न्यायालय से सजा हो सके. वहीं तीसरा अटैक संपत्ति जब्ती को लेकर की जा रही है. चौथी कार्रवाई यह कि भ्रष्टाचार के इस बड़े केस को प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) को सौंपी जाए।

ईडी को दिया जा सकता है केस 

निगरानी ब्यूरो के विश्वत सूत्रों ने बताया कि पथ निर्माण विभाग के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता सुरेश प्रसाद सिंह केस में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, साथ ही ट्रायल शुरू है। ब्यूरो की कोशिश है कि भ्रष्ट इंजीनियर केस में गवाही पूरी हो जाए. ताकि आरोपी को सजा दिलाई जा सके. यह भी बताया गया है कि रिश्वतखोर इंजीनियर ने रिश्वत के पैसे से अकूत संपत्ति अर्जित की है। 2019 तक इतनी बड़ी रकम किसी दूसरे अधिकारी के पास से नहीं जब्त की गई थी. साथ ही अकूत संपत्ति के कागजात मिले थे। लिहाजा इस बड़े केस को ईडी को सौंपी जा सकती है,ताकि ईडी विस्तृत जांच तक अवैध संपत्ति का जब्त कर सके। निगरानी ब्यूरो की कोशिश का ही नतीजा है रिकार्ड समय में विभागीय कार्यवाही पूर्ण हो गई। जांच टीम को पहली सफलता तब मिली जब पथ निर्माण विभाग ने भी आरोपों को सत्य पाया और रिटायरमेंट के बाद भ्रष्ट कार्यपालक अभियंता की पूरी पेंशन को शून्य कर दिया. यानि रिटायरमेंट का लाभ और पेंशन की राशि अब नहीं मिलेगी. 

नोटों की सेज पर सोता था भ्रष्ट इंजीनियर !

 नोटों की सेज पर सोने वाले भ्रष्ट रिटायर्ड कार्यपालक अभियंता सुरेश प्रसाद की पूरी पेंशन राशि कटौती कर ली गई है. इस संबंध में पथ निर्माण विभाग ने 9 नवंबर को ही अधिसूचना जारी की है. पटना पश्चिम पथ प्रमंडल के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता सुरेश प्रसाद सिंह को निगरानी ब्यूरो ने 8 जून 2019 को 14 लाख रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. भ्रष्ट इंजीनियर के घर की तलाशी में 2 करोड़ 36 लाख 23 हजार नगद पाया गया था .इसके अलावे बड़ी संख्या में पासबुक एवं अन्य संपत्ति मिले थे। पैसे को दीवान पलंग में रखा गया था. बताया जाता है उसी पलंग के ऊपर सोता था.  

पत्नी-बेटे-बेटियों के नाम पर अर्जित की अवैध संपत्ति

भ्रष्ट अभियंता सुरेश प्रसाद सिंह और उसकी पत्नी के खिलाफ 5 करोड़ 16 लाख ₹8982 आय से अधिक संपत्ति का केस 21 जून 2019 को दर्ज किया गया था. निगरानी ब्यूरो की छापेमारी में 2 करोड़ 36 लाख 23 हजार नगद पाया गया था. जबकि इंजीनियर सुरेश प्रसाद सिंह के नाम पर 11 से अधिक बैंक खाते जब्त किए गए थे.संपत्ति के विवरण में सिर्फ दो बैंक खातों का जिक्र था. तलाशी में फाइनेंसियल संस्थान से संबंधित 8 से अधिक पॉलिसी के कागजात जब्त किए गए थे, जबकि संपत्ति के विवरण में पांच का उल्लेख किया गया था.तलाशी में इंजीनियर की पत्नी शांति सिंह के नाम पर 5 से अधिक बैंक खाते जब्त किए गए थे, जबकि संपत्ति के विवरण में दो बैंक खातों का उल्लेख किया गया था. शांति सिंह के नाम पर फाइनेंशियल संस्थान से संबंधित 6 पॉलिसी जप्त किए गए ,जबकि संपत्ति के ब्योरा में एक भी पॉलिसी नहीं होने की जानकारी दी गई थी. तलाशी में इंजीनियर के दो पुत्र एवं दो पुत्री से संबंधित 11 बैंक खाते जब्त किए गए थे. संपत्ति के विवरण में एक भी बैंक खाता नहीं होने का उल्लेख किया गया था। तलाशी में पत्नी शांति सिंह के नाम पर नोएडा में 28 लाख रुपए का फ्लैट के एग्रीमेंट पेपर जब्त किया गया था, संपत्ति के विवरण में इसका उल्लेख नहीं किया गया था. साथ ही दो डिपेंडेंट पुत्रियों के नाम पर पटेल नगर के निर्मला रेजिडेंसी में 25 लाख और 24.34 लाख का 2 प्लैट निबंधित था, लेकिन संपत्ति के विवरण में इसका उल्लेख नहीं किया गया. तलाशी में सुरेश सिंह के डिपेंडेंट पुत्र के नाम पर रूपसपुर में एक फ्लैट का सेल डीड जब्त किया गया था, जिसकी कीमत ₹3550000 थी .संपत्ति के विवरण में इसका उल्लेख नहीं किया गया था.

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