भारत को मिली बड़ी कूटनीतिक कामयाबी, संरा ने मसूद अजहर को घोषित किया अंतर्राष्ट्रीय आतंकी

भारत को मिली बड़ी कूटनीतिक कामयाबी, संरा ने मसूद अजहर को घोषित किया अंतर्राष्ट्रीय आतंकी

NEWS4NATION DESK: बीच चुनाव के दौरान केंद्र की मोदी सरकार को आतंकवाद के मोर्चे पर बड़ी कूटनीतिक कामयाबी हासिल हुई है. इसे मोदी सरकार के एक और स्ट्राइक के तौर पर देखा जा रहा है. संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद ने बुधवार कोआतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगनामसूद अजहरको अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कर दिया. भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी मसूद के ग्लोबल आतंकी घोषित होने की पुष्टि की है. कई वर्षों से पाकिस्तान इस आतंकवादी सरगना के बचाव में जुटा था. लेकिन इस बार उसकी कोई चाल कामयाब नहीं हो पाई.गौरतलब है कि मसूद अजहर के आतंकी संगठन ने ही पुलवामा आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 40 जवान शहीद हो गए थे. 

इस बार चीन ने भी नहीं दिया दोस्त का साथ

मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने को लेकर भारत का पडोसी मुल्क चीन पाकिस्तान के साथ खड़ा था. इस बार पाकिस्तान के इस दोस्त ने भी उसका साथ छोड़ दिया. उसने सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति के तहत मसूद को ब्लैकलिस्ट करने के प्रस्ताव से अपने कदम पीछे खींच लिए. जबकि इस मामले में वह अबतक बार-बार अड़ंगा लगा रहा था. गौरतलब है की अभी कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात की थी. इसके बावजूद उसकी कूटनीतिक हार हुई है. 

चौथी कोशिश में मिली कामयाबी  

मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने की कोशिश पिछले दस साल से की जा रही थी. सबसे पहले 2009 में भारत सरकार ने इसके लिए प्रस्ताव रखा था. दूसरा प्रयास 2016 में किया में किया गया. उस समय भारत ने अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध परिषद के समक्ष दूसरी बार प्रस्ताव रखा. इन्हीं देशों के समर्थन के साथ भारत ने 2017 में तीसरी बार मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव रखा. इन सभी मौकों पर चीन ने वीटो पावर का इस्तेमाल कर ऐसा होने से रोक दिया. अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस की ओर से जैश सरगना अजहर पर प्रतिबंध लाया गया. जिसे चीन ने वीटो पावर के जरिये रोक लगा दिया. लेकिन इस बार चीन ने भी हाथ पीछे कर लिए. 
 
संयुक्त राष्ट्र के फैसले का कई देशों ने किया स्वागत

संयुक्त राष्ट्र के फैसले का दुनिया के कई देशों ने स्वागत किया है. एक बयान में फ्रांस के सरकार की ओर से कहा गया की पुलवामा हमले के बाद फ्रेंच कूटनीति के तहत लगातार अजहर को प्रतिबंधित करने का प्रयास किया जा रहा था. इसके पहले 15 मार्च को ही फ्रांस मसूद अजहर के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लगा चूका है.

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