नीरज कुमार ने तेजस्वी को दिया करारा जवाब,कहा-हम हैं पॉलिटिकट मजिस्ट्रेट, लालू-राबड़ी की करनी के लिए माफी मांगा तो उनकी बनाई संपत्ति भी छोड़िए

नीरज कुमार ने तेजस्वी को दिया करारा जवाब,कहा-हम हैं पॉलिटिकट मजिस्ट्रेट, लालू-राबड़ी की करनी के लिए माफी मांगा तो उनकी बनाई संपत्ति भी छोड़िए

PATNA: बिहार विधानसभा के पहले दिन की कार्यवाही समाप्त हो गई है। विधानसभा की कार्यवाही समाप्त होने के बाद तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर बड़ा हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने ऐलान कर दिया है कि एक महीने के अंदर बिहार में 19 लाख बेरोजगारों को रोजगार नहीं मिला तो हम सड़कों पर जन आंदोलन करेंगे.तेजस्वी यादव  ने नीतीश कुमार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार भीष्म पितामह हैं,15 साल में 60  बड़े घोटाले हुए हैं.भ्रष्टाचारियों का बचाव करना नीतीश कुमार की फितरत है.तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि आईएएस अधिकारी ने भी कहा है कि नीतीश कुमार ने भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दिया है. 


नीरज कुमार ने दिया करारा जवाब

तेजस्वी यादव के आरोप पर जेडीयू ने करारा जवाब दिया है। पूर्व मंत्री नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव पर बड़ा हमला बोला। फेसबुक लाईव के माध्यम से नीरज कुमार ने कहा कि तेजस्वी यादव जनादेश न मिलने का मातम मना रहे हैं। नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव से पूछा कि जरा अपने बारे में सोंचियेगा.....मेवालाल पर चार्जशीट नहीं था फिर थी इस्तीफा दिया। लेकिन आपके राजनीति का डीएनए रहा है संपत्ति बनाने का।इसलिए आपको संपत्ति और कुर्सी से प्यार है। पंद्रह साल पहले वाले राज के बारे में क्यों नहीं बोलते। 22 महीना आप सत्ता में रहे तो बंगला के फेरा में रहे या उसे सजाने के चक्कर में रहे,इसके बारे में भी तो बिहार की जनता को बताइए.....।

तरूण यादव के नाम वाली जमीन का अब तक दाखिल खारिज क्यों नहीं कराया?

नीरज कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि हमने पूछा था कि तरूण यादव कौन है,नाबालिग के नाम पर जमीन रजिस्ट्री थी,हमने जब खुलासा किया तो आपके परिवार वालों ने कहा कि तरूण यादव ही तेजस्वी यादव है। फिर तरूण यादव और तेजस्वी यादव एक ही है तो फिर हलफनामें में क्यों नहीं दिया। इतने दिनों तक जमीन का म्यूटेशन क्यों नहीं कराया।


सवाल कायम है तरूण यादव कौन.....

नीरज कुमार ने कहा कि हम हैं पॉलिटिकट मजिस्ट्रेट,हमने जब पता लगाया तो पता चला कि तरूण यादव के नाम से जो जमीन रजिस्ट्री कराई गई उसका आज तक म्यूटेशन नहीं.अब बड़ा सवाल यही है कि अब तक रसीद क्यों नहीं कटवाया गया,क्या यह संपत्ति बी बेनामी है क्या....अब तो आप बालिग हो गए फिर भी जमीन के दस्तावेज को चुनाव आयोग के हलफनामें में नहीं उल्लेख किया। जब ईडी का केस आप पर है हीं तो फर्जीवाड़ा से क्या डर।

अब तो आपको मूंछ हो गया है अब क्यों नहीं बोलते

नीरज कुमार ने कहा कि जो अपनी संपत्ति और नाम के बारे में गलत बोले उसके बारे में क्या कहा जाए।क्या आपने सोंचा है कि राजनीत के गिरते स्तर के आप मानक बनते जा रहे हैं। आप तो जमीन की कुर्बानी देंगे नहीं नेता के पद से ही कुर्बानी दे दीजिए। आपने तो अपने मां-बाप को तो भूल ही गए। राजनीत के इस दौर में तो आपने अपने मां-बाप को तो छोड़ ही दिए।लगता था आपको कि आपके मां-बाप कुशासन के पर्याय थे इसीलिए आपने छोड़ दिया? जब आप अपने मां-बाप का नाम लेने से गुरेज है तो संपत्ति भी छोड़ दीजिए,तब जानेंगे कि आपने राजनीति का मानक स्थापित किया है. आखिर सारी संपत्ति तो आपके मां-बाप ने ही बनाया है।

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