न बैंड बजा, ना निकली बारात जज साहब की शादी में जानिए ‘संविधान’ ने कैसे निभाया साथ

न बैंड बजा, ना निकली बारात जज साहब की शादी में जानिए ‘संविधान’ ने कैसे निभाया साथ

पटना. शादियों में बैंड, बाजा, बारात न हो ऐसा कोई सोचता भी नहीं. धूम धड़ाका, नाच-गाना के बिना तो आजकल कोई शादी की कल्पना भी नहीं कर सकता. ऐसे दौर में पटना के दो जजों की शादी ने सादगी की मिसाल पेश की है. जज साहब ने अपनी शादी में कुछ ऐसा किया कि अब हर कोई उनकी वाहवाही कर रहा है. 

हाजीपुर के युसूफपुर के रहने वाले खगड़िया व्‍यवहार न्‍यायालय में पदस्थापित जज आदित्य प्रकाश और पटना व्‍यवहार न्‍यायालय में जज आयुषी कुमारी की पटना में शादी हुई है. जोड़े ने एक आदर्श विवाह की नजीर पेश करने की कोशिश की. उन्होंने शादी में कई प्रकार में फिजूलखर्ची रोकी. साथ ही दिन में शादी करके उन्होंने बिजली बचाने की भी पहल की. अब जज दम्पति की शादी सुर्खियां बटर रही हैं. 

परम्परागत शादियों ने हटकर इन्होंने न तो फेरे और सिंदूरदान जैसे विधान किए और ना ही किसी प्रकार का नाच गाना हुआ. दोनों ने शपथ पत्र पढ़ा और हो गई शादी. दान दहेज मुक्त इस विवाह में दोनों पक्षों की ओर से जो 100 के करीब मेहमान उपस्थित थी उनको साक्षी मानकर दोनों ने एक दूसरे को वरमाला पहनाकर शादी की प्रक्रिया पूरी कर ली. दोनों ने जो शपथ पत्र बनाया था उस पर अपनी शादी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों ने हस्ताक्षर भी किए. 

सादगी से हुई इस शादी की अब सामाजिक और सोशल दोनों सत्रों पर वाहवाही मिल रही है. लोग ऐसी आदर्श शादी की वकालत कर रहे हैं जो समाज में शादी के नाम पर बढती फिजूलखर्ची को रोकने में सहायक है. 

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