बड़ा खुलासा: शिक्षा-विधि मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने नियमों को ताक पर रखकर बेटे को स्पेशल पीपी में करवाया बहाल! हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर मंत्री से मांगा जवाब

PATNA: बिहार सरकार के शिक्षा सह विधि मंत्री ने नियमों को ताक पर रखकर अपने बेटे को स्पेशल पीपी में बहाल करवा दिया. मामला 10 जनवरी 2019 का है. जब विधि विभाग ने अपने मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा के पुत्र मुकेश नंदन वर्मा को जहानाबाद जिले का विशेष लोक अभियोजक के पद पर बहाल करने का आदेश जारी किया. इस संबंध में विधि विभाग के संयुक्त सचिव राजीव कुमार ने जहानाबाद के जिलाधिकारी को पत्र भेजा है.

विधि विभाग ने डीएम को जो पत्र भेजा है उसमें लिखा गया है कि जहानाबाद जिला के लिए लैंगिक अपराध से बालकों का संरक्षण अधिनियम से संबंधित वादों के संचालन के लिए राज्य सरकार ने मुकेश नंदन वर्मा अधिवक्ता व्यवहार न्यायालय जहानाबाद जिनका पंजीयन संख्या 1129/2010 है. पद ग्रहण की तिथि से तीन वर्षों के लिए विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया जाता है. मंत्री पुत्र के अलावे जहानाबाद के 4 अन्य वकील राकेश कुमार, संजय कुमार, श्याम नारायण वर्मा को भी स्पेशल पीपी बनाया गया है.

विधि मंत्री पर क्या है आरोप

जहानाबाद जिले में पीपी बहाली में आरोप है कि बिना विज्ञापन और कागजी कार्रवाई पूरा किए बिना मंत्री पुत्र सहित इन विशेष लोक अभियोजकों की बहाली की है. 5 स्पेशल पीपी के अलावा जहानाबाद जिले के लिए 21 अपर लोक अभियोजक बहाली के लिए भी 10 जनवरी को हीं पत्र जारी किया गया है.

हाईकोर्ट में किया गया अपील

हाईकोर्ट के वरीय वकील दीनू कुमार ने बताया कि बिहार सरकार लॉ अफसर की बहाली के लिए जो नियम बनाए थे उसे पटना हाईकोर्ट ने 16 जुलाई 2018 को निरस्त कर दिया. इसके बाद बिहार सरकार ने लॉ ऑफिसर की बहाली के लिए कोई नया नियम नहीं बनाया है. उस केस में विधि मंत्री भी पार्टी बनाए गए थे. इसके बावजूद 10 जनवरी 2019 को बिना नियम और विज्ञापन के ही विधि मंत्री के बेटे सहित 5 को स्पेशल पीपी बना दिया गया. साथ ही 21 अपर लोक अभियोजक की नियुक्ति की गई. दीनू कुमार ने बताया कि नियम के विरूद्ध हुई बहाली के बाद पटना हाईकोर्ट में सुशील कुमार चौधरी ने अपील किया. इसके बाद हाईकोर्ट के अनिल कुमार उपाध्याय की बेंच में आज सुनवाई हुई है. सुनवाई के बाद कोर्ट ने विधि मंत्री को नोटिस दिया है. वकील दीनू कुमार ने कोर्ट मे दलील दिया है कि विधि मंत्री के बेटे की वजह से नियम विरूद्ध बहाली की गई है. 

हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर पूछा है कि किस आधार पर स्पेशल पीपी सहित एपीपी की बहाली की गई. इस संबंध में विधि मंत्री को 18 जून 2019 तक जवाब देने को कहा है. अब अगली सुनवाई 18 जून को होगी. 


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