अगले साल अप्रैल तक राज्यसभा में होगा एनडीए का बहुमत, उच्च सदन की खाली होने वाली 52 सीटों पर नजरें टिकी

अगले साल अप्रैल तक राज्यसभा में होगा एनडीए का बहुमत, उच्च सदन की खाली होने वाली 52 सीटों पर नजरें टिकी

केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए को राज्यसभा में बहुमत नहीं होने के कारण तमाम विधेयकों को पारित कराने में जो मशक्कत करनी पड़ रही है, उससे निजात पाने के लिए सत्तापक्ष को अगले साल अप्रैल में उच्च सदन की रिक्त हो रही 52 सीटों पर चुनाव का इंतजार है।  राज्यसभा में बहुमत होने से मोदी सरकार के लिए अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने में आसानी हो जाएगी। फिलहाल एनडीए के पास राज्यसभा में 102 सदस्य हैं, जबकि कांग्रेस नेतृत्व वाले यूपीए के पास 66 और दोनों गठबंधनों से बाहर की पार्टियों के पास 66 सदस्य हैं।

अगले साल दो एवं नौ अप्रैल को राज्यसभा में 15 राज्यों के 52 सदस्य सेवानिवृत्त होंगे। इनमें राजग के घटक दलों में 15 भाजपा, तीन जदयू और चार अन्नाद्रमुक के हैं। इसके अलावा राजग में शामिल नहीं होने के बावजूद सदन में सत्तापक्ष का साथ दे रहे बीजद के भी दो सदस्य इसी समय सेवानिवृत्त होंगे। वहीं, विपक्षी दलों में कांग्रेस के 13, तृणमूल कांग्रेस के चार और राकांपा के दो सदस्य अपना कार्यकाल पूरा करेंगे।
 
 उल्लेखनीय है कि 245 सदस्यीय उच्च सदन में हाल ही में विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों के इस्तीफे के कारण आठ सीटें रिक्त हैं। भाजपा को रिक्त सीटों के लिए जल्द होने वाले उपचुनाव में भी पांच सीट जीतने का भरोसा है। इनमें उत्तर प्रदेश से सपा के तीन सदस्यों (नीरज शेखर, सुरेंद्र नागर और संजय सेठ) के इस्तीफे के बाद शेखर को भाजपा ने उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। समझा जाता है कि पिछले सप्ताह उच्च सदन की सदस्यता से त्यागपत्र देने वाले असम से कांग्रेस के भुवनेश्वर कालिता और सपा छोड़ने वाले नेताओं को भी भाजपा उपचुनाव में उम्मीदवार बना सकती है। उच्च सदन में सपा के अब दस सदस्य बचे हैं।
 
 
 अप्रैल 2020 में रिक्त हो रहीं 52 सीटों में सर्वाधिक सात महाराष्ट्र से, छह तमिलनाडु, पांच-पांच सीट पश्चिम बंगाल और बिहार से, चार-चार सीट गुजरात और आंध्रप्रदेश से तथा तीन-तीन सीट राजस्थान, ओडिशा और मध्यप्रदेश से शामिल हैं। इन राज्यों की विधानसभा में दलीय स्थिति को देखते हुए भाजपा, जदयू एवं बीजद को राज्यसभा में अपनी सीटें बरकरार रखने का भरोसा है। इसके इतर हरियाणा से खाली हो रही दोनों सीटों पर भाजपा की नजर है।


 बिहार में खाली हो रही पांचों सीट सत्तारूढ़ जदयू भाजपा (हरिवंश, कहकशां परवीन, रामनाथ ठाकुर और सीपी ठाकुर एवं आर के सिन्हा) के पास ही रहने की उम्मीद है जबकि झारखंड से राजद के प्रेमचंद गुप्ता और निर्दलीय परिमल नाथवानी की सीट भाजपा अपने पाले में करने की कोशिश करेगी।


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