निजीकरण का विरोध : बिजली विभाग के कर्मियों ने काला बिल्ला लगा कर किया प्रदर्शन

निजीकरण का विरोध : बिजली विभाग के कर्मियों ने काला बिल्ला लगा कर किया प्रदर्शन

DHANBAD : झारखंड राज्य बिजली कामगार यूनियन के बैनर तले शनिवार को बिजलीकर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर प्रमंडल कार्यालय के समक्ष  प्रदर्शन किया. इस मौके पर विभाग के निजीकरण और 2007 में नियुक्त किए गए कामगारों का पदोन्नति नहीं करने का विरोध किया गया. कर्मियों ने जमकर नारेबाजी भी की. 

प्रदर्शन करते हुए यूनियन के महामंत्री रामकृष्ण सिंह ने कहा कि यह निजीकरण नहीं बल्कि विभाग को बालाजी कॉरपोरेट घराने के हाथों बिक्री करने की साजिश है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री खुद घोषणा करते हैं कि राज्य सरकार ने 60 ग्रिड पवार स्टेशन, 257 सब स्टेशन और किसानों के लिए 300 कृषि फीडर का 80 फीसदी निर्माण कार्य पूरा कर लिया है. जबकि 200 सब स्टेशन का काम चल रहा है. साथ ही सभी  घरों में बिजली पहुंच गई है. 

इसके बावजूद विभाग का निजीकरण किया जा रहा है. जबकि झारखंड के ही आठ जिलों में बिजली नही है. इसके लिए ना तो शोध है और ना ही कोई सोच है. उन्होंने कहा कि विभाग में विद्युत कर्मियों का शोषण जारी है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार जल्द ही इस पर कोई ठोस पहल नहीं करती तो वे लोग पूरे राज्य में 8 अगस्त से 10 अगस्त तक राज्यव्यापी हड़ताल करेंगे. 

साथ ही यूनियन के महामंत्री ने कहा की पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी ने कोयला खदान, बैंक और बिजली का राष्ट्रीयकरण किया था. तीनों अब अच्छी तरह चल रहे हैं. लेकिन राज्य सरकार बिजली का निजीकरण करने के लिए कटिबद्ध है. 

धनबाद से अजय उपाध्याय की रिपोर्ट 

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