महागठबंधन से मांझी के अलग होने के फैसले पर बीजेपी ने ली चुटकी, कहा- जीतन राम मांझी नहीं ढोना चाहते थे युवराज की पालकी

महागठबंधन से मांझी के अलग होने के फैसले पर बीजेपी ने ली चुटकी, कहा- जीतन राम मांझी नहीं ढोना चाहते थे युवराज की पालकी

Patna: महागठबंधन से जीतनराम मांझी के अलग होने के बाद बिहार में सियासत शुरू हो गई है. इसपर तमाम पार्टियों के ताबड़तोड़ रिएक्शन आ रहे हैं. ऐसे में बीजेपी की तरफ से बड़ा बयान आया है.

बिहार बीजेपी के प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा कि जीतन राम मांझी कोर्डिनेशन कमिटी को लेकर लगातार तेजस्वी यादव को वक्त दे रहे थे लेकिन तेजस्वी यादव ने उनकी एक ना सुनी. आगे निखिल आनंद ने कहा कि आखिरकार बुजुर्ग जीतनराम मांझी ने राजद के राजकुमार की पालकी ढोने से इनकार कर दिया. 

निखिल आनंद ने कहा कि अब उपेन्द्र कुशवाहा, मुकेश सहनी और कांग्रेस तय करें कि तीन लोग पालकी कैसे ढोएंगे. हकीकत तो यह है कि महागठबंधन को अपने युवराज की पालकी ढोने के लिए चौथे आदमी की जरूरत है. 

जीतनराम मांझी के महागठबंधन से अलग होने पर राजद की तरफ से पहली प्रतिक्रिया भी सामने आई है. राजद ने पूर्व सीएम जीतनराम मांझी पर गंभीर आरोप लगा दिए. राजद नेता भाई वीरेंन्द्र ने कहा कि जीतनराम मांझी महागठबंधन में रहकर हम ब्लैकमेल करते थे. लालू यादव ने उनके पुत्र को एमएलसी बनाया बावजूद वे समन्वय समिति बनाने के बहाने दबाव बनाते रहे.





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