कोरोना संकट में नीतीश कैबिनेट का बड़ा निर्णयः गांवों में 'एंबुलेंस' खरीद पर 2 लाख का अनुदान,जानें.....

कोरोना संकट में नीतीश कैबिनेट का बड़ा निर्णयः गांवों में 'एंबुलेंस' खरीद पर 2 लाख का अनुदान,जानें.....

PATNA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कैबिनेट की मीटिंग बुलाई थी। मंत्री अपने विभागीय सचिव के कक्ष से वर्चुअल माध्यम से कैबिनेट मीटिंग में शामिल हुए थे।आज की कैबिनेट बैठक में कुल 13 एजेंडों पर मुहर लगी है। शिक्षकों के वेतन भुगतान को लेकर 1716 करोड़ रू जारी हुए हैं. वहीं कोरोना टीका को लेकर 1000 करोड़ रू जारी किये गये हैं. अब ग्रामीण क्षेत्रों में एमबीबीएस डॉक्टरों की तैनाती होगी। एंबुलेंस खरीद पर दो लाख रू का अनुदान मिलेगा।

'एंबुलेंस' खरीद पर 2 लाख का अनुदान

कोरोना के दूसरे लहर के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण तेजी से बढ़ा है। संक्रमित व्यक्तियों के इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्रों तक परिवहन की व्यवस्था उपलब्ध होना आवश्यक है. वर्तमान परिस्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों में एंबुलेंस की उपलब्धता को बढ़ाया जाना आवश्यक है ताकि संक्रमित व्यक्तियों को स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाया जा सके. इसको लेकर मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के अंतर्गत एंबुलेंस को मान्यता देते हुए प्रति प्रखंड 2 लाभुकों को एंबुलेंस के क्रय मूल्य का 50% अधिकतम ₹200000 अनुदान भुगतान की स्वीकृति दी गई है.  बिहार में मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना लागू है. जिसके तहत प्रत्येक पंचायत के 7 लाभुक को जिसमें 4 अनुसूचित जाति जनजाति एवं तीन अत्यंत पिछड़ा वर्ग के सदस्यों को वाहन की खरीद पर खरीद मूल्य का 50% या अधिकतम ₹ 1 लाख अनुदान दिया जा रहा है.  ई रिक्शा की खरीद पर 70 हजार रू अनुदान दिया जा रहा।

नीतीश कैबिनेट की बैठक में लगी मुहर

बिहार के पौने तीन लाख शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए बिहार कैबिनेट ने आज 1716 करोड रुपए की स्वीकृति दे दी। शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया है. उन्होंने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत पूरे प्रदेश में कार्यरत इन शिक्षकों के वेतन में केंद्र एवं राज्य दोनों की हिस्सेदारी होती है. कोरोना महामारी अन्य कारणों से केंद्राश प्राप्त होने में देरी के कारण वेतन भुगतान में कठिनाई हो रही थी. मुख्यमंत्री के निर्देश पर केंद्र के हिस्से की राशि भी राज्य सरकार ने अपनी निधि से उपलब्ध कराने का निर्णय लिया. इसके बाद शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को आज मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दे दी है। इससे अब शिक्षकों के लगभग 2 महीने के वेतन भुगतान हो सकेगा.

बिहार कैबिनेट ने 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025- 26 तक 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए चैलेंज फंड के रूप में अनुदान की राशि 1690 करोड़ों  तथा नन मिलियन प्लस आबादी वाले शहरों के अनुदान के लिए 8309 करोड़ यानी 9999 करोड़ रू भारत सरकार से विमुक्ति के बाद सभी शहरी निकायों एवं छावनी परिषद को जनसंख्या एवं क्षेत्रफल के आधार पर आवंटित करने हेतु राशि व्यय की स्वीकृति दी गई है.

ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात होंगे एमबीबीएस डॉक्टर

 राज्य के सभी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों से नव उतीर्ण एमबीबीएस अभ्यर्थियों को अनिवार्य ग्रामीण क्षेत्रों में संविदा पर नियोजन हेतु चिकित्सक के 2580 फ्लोटिंग पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है.यानि अब गावों में एमबीबीसी डॉक्टरों की तैनाती होगी।

 कोरोना रोकथाम हेतु अस्पतालों एवं कोविड-19 सेंटर में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, कर्मियों को विशेष प्रोत्साहन राशि का भुगतान करने के निर्णय की स्वीकृति दी गई है. मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के अंतर्गत प्रति प्रखंड 2 लाभुकों द्वारा एंबुलेंस खरीद पर अनुदान भुगतान की स्वीकृति दी गई है. बिहार नगर पालिका लिपिकीय संवर्ग नियमावली 2021 की स्वीकृति दी गई है. बिहार लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन संवर्ग नियमावली की मंजूरी मिली है। गरीबों को मुफ्त में 3 किलो चावल एवं 2 किलो गेहूं तथा अंत्योदय परिवार को प्रति परिवार 21 किलोग्राम चावल तथा 14 किलोग्राम गेहूं वितरित किए जाने को लेकर 117 करोड रुपए व्यय की स्वीकृति दी गई है.

नीतीश कैबिनेट की बैठक में लगी मुहर

बिहार के पौने तीन लाख शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए बिहार कैबिनेट ने आज 1716 करोड रुपए की स्वीकृति दे दी। शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया है. उन्होंने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत पूरे प्रदेश में कार्यरत इन शिक्षकों के वेतन में केंद्र एवं राज्य दोनों की हिस्सेदारी होती है. कोरोना महामारी अन्य कारणों से केंद्राश प्राप्त होने में देरी के कारण वेतन भुगतान में कठिनाई हो रही थी. मुख्यमंत्री के निर्देश पर केंद्र के हिस्से की राशि भी राज्य सरकार ने अपनी निधि से उपलब्ध कराने का निर्णय लिया. इसके बाद शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को आज मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दे दी है। इससे अब शिक्षकों के लगभग 2 महीने के वेतन भुगतान हो सकेगा.

बिहार कैबिनेट ने 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025- 26 तक 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए चैलेंज फंड के रूप में अनुदान की राशि 1690 करोड़ों  तथा नन मिलियन प्लस आबादी वाले शहरों के अनुदान के लिए 8309 करोड़ यानी 9999 करोड़ रू भारत सरकार से विमुक्ति के बाद सभी शहरी निकायों एवं छावनी परिषद को जनसंख्या एवं क्षेत्रफल के आधार पर आवंटित करने हेतु राशि व्यय की स्वीकृति दी गई है.


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