नीतीश कैबिनेट का फैसलाः बिहार में सूखा को देखते हुए डीजल अनुदान देने का लिया निर्णय

नीतीश कैबिनेट का फैसलाः बिहार में सूखा को देखते हुए डीजल अनुदान देने का लिया निर्णय

PATNA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कैबिनेट की मीटिंग बुलाई थी। मुख्य सचिवालय स्थिति मंत्रिमंडल कक्ष में आयोजित बैठक में सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं। आज की कैबिनेट मीटिंग में कुल 9 एजेंडों पर मुहर लगी है।

किसानों को मिलेगा डीजल अनुदान 

बिहार में सूखे को देखते हुए सरकार ने डीजल अनुदान देने का निर्णय लिया है. इस संबंध में प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर लग गई है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में बिहार राज्य आकस्मिकता निधि से कुल ₹29 करोड़ 95 लाख की अग्रिम स्वीकृति दी गई है. प्रति लीटर डीजल पर अनुदान ₹60 की होगी. खरीफ फसलों के लिए 1 एकड़ में एक सिंचाई के लिए 10 लीटर डीजल खपत के अनुसार कुल 600 रू प्रति एकड़ की दर से अनुदान मिलेगा। बिचड़ा बचाने एवं जूट की दो सिंचाई के लिए 1200रू प्रति एकड़ तथा धान, मक्का और खरीफ फसलों के तहत दलहनी, तिलहनी, मौसमी सब्जी, औषधीय एवं सुगंधित पौधों के लिए एक खेत के लिए अधिकतम 3 सिंचाई के लिए अधिकतम 00 साल के लिए 1800 प्रति एकड़ की दर से अनुदान मिलेगा.

20 से 80 फीसदी तक छूट 

बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार के तहत औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि के लिए दर को निर्धारित किया गया है. सरकार ने अब प्रावधान किया है कि राज्य के 54 औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि के लीज पर 20% से 80% तक छूट दी जाएगी. नीतीश कैबिनेट की मंगलवार की बैठक में कुल 9 एजेंडों पर मुहर लगी है। नीतीश सरकार के प्रस्ताव में कहा गया है कि लीज दूर में छूट से निवेशकों को राज्य में उद्योग स्थापित करने में सहूलियत होगी. उन्हें कम लागत पर जमीन उपलब्ध हो सकेगा. सरकार के इस कदम से राज्य में औद्योगिकीकरण को बल मिलेगा और निवेशक बढ़ेंगे। सरकार ने कहा है कि बियाड़ा में 74 औद्योगिक क्षेत्र कार्यरत हैं. सरकार बिहार में बंद पड़ी चीनी मिलों की 2900 एकड़ जमीन औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए बियाडा को हस्तांतरित की है. वर्तमान में बियाडा की भूमि लीज एमवीआर पर दी जाती है। अब सूबे के 54 औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि के लीज पर 20% से 80% तक छूट दी जाएगी.

बेगूसराय के मटिहानी PHC के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राजकुमार सिंह को लगातार अनुपस्थित रहने के आरोप में सेवा से बर्खास्त किया गया है। बिहार अमीन सह राजस्व कर्मचारी संवर्ग नियमावली 2022 को निरस्त किया गया है। अब बिहार अमीन संवर्ग नियमावली 2013, बिहार अमीन संवर्ग संशोधन नियमावली 2016, बिहार अमीन संवर्ग संशोधन नियमावली 2017, बिहार राजस्व कर्मचारी संवर्ग नियमावली 2011 एवं बिहार राजस्व कर्मचारी संवर्ग संशोधन नियमावली 2013 को पुनर्जीवित किया गया है.

जन वितरण प्रणाली के तहत परिवहन एवं हाथलन मद में केंद्रीय सहायता की राशि 32.50 रू प्रति क्विंटल से बढ़ाकर ₹35 प्रति क्विंटल तथा डीलर कमीशन में केंद्रीय एवं राज्य की राशि क्रमश ₹35 एवं ₹35 से बढ़ाकर ₹45 प्रति क्विंटल किया गया है. इस तरह से केंद्रीय सहायता एवं राज्य की कुल दर ₹188 90 पैसे प्रति क्विंटल से बढ़ाकर ₹211.40 पैसे प्रति क्विंटल किया गया है. प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्धम योजना के तहत केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच 60 अनुपात 40 के अनुरूप कुल योजना व्यय की राशि 469 करोड़ 63 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है. प्रधानमंत्री सुक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के तहत कुल 30 करोड़ 16 लाख 48 हजार रुपए बिहार आकस्मिकता निधि से अग्रिम स्वीकृति दी गई है. उपरोक्त बातों की जानकारी कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने दी।

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