विवाहित महिलाओं के 'आरक्षण' को लेकर नीतीश सरकार ने साफ की स्थिति, जारी किया यह आदेश

विवाहित महिलाओं के 'आरक्षण' को लेकर नीतीश सरकार ने साफ की स्थिति, जारी किया यह आदेश

PATNA: बिहार सरकार ने विवाहित महिलाओं के आरक्षण लाभ को लेकर स्थिति स्पष्ट किया है. इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों के अपर मुख्य, सचिव, प्रधान सचिव के साथ-साथ सभी प्रमंडलीय आयुक्त, डीएम, आयोग के सचिव को इस संबंध में पत्र लिखा है.

बिहार सरकार ने साफ किया है कि ऐसी विवाहित महिलाएं जिनके पिता बिहार के मूल निवासी हैं,और उनके द्वारा आरक्षण के लिए पति के आवास के आधार पर दावा किया जाता है, तो उनके द्वारा पेश किये गये दावे को खारिज नहीं किया जा सकता. पति के आधार पर निर्गत स्थाई निवास प्रमाण पत्र के आधार मात्र से वंचित नहीं किया जा सकता है. यानी सरकार ने साफ कर दिया है कि अगर विवाहित महिला भले ही पति के आवास पर रह रही हों, पिता बिहार के स्थाई निवासी हैं,तो उन्हें लाभ मिलेगा। 

नीतीश सरकार ने कहा है कि किसी की जाति का निर्धारण उसके पिता की जाति के आधार पर होता है. ऐसे में स्पष्ट किया जाता है क्रीमी लेयर रहित प्रमाण पत्र जो निवास, आय एवं जाति प्रमाण पत्र पर आधारित है, अभ्यर्थी के स्थाई आवासीय अंचल कार्यालय से निर्गत होगा. आरक्षण की सुविधा बिहार के मूल निवासी को दिया जाता है . ऐसे में इसका निर्धारण विवाहित महिला के पिता के मूल निवास के आधार पर होगा. विवाहित महिला का अपने पति के साथ रहने की स्थिति में उसके पति के आवास के आधार पर निर्गत आवास प्रमाण पत्र संबंधित विवाहित महिला के आरक्षण का आधार नहीं होगा.

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