यूरिया किल्लत के लिए नीतीश सरकार जिम्मेदार, मोदी के मंत्री का दावा- दलालों से मिलकर कर रहे कालाबाजारी

यूरिया किल्लत के लिए नीतीश सरकार जिम्मेदार, मोदी के मंत्री का दावा- दलालों से मिलकर कर रहे कालाबाजारी

पटना. यूरिया किल्लत से जूझते बिहार के किसानों को केंद्र सरकार की ओर से मांग के अनुरूप ही सभी प्रकार के रसायन और उर्वरक की आपूर्ति हो रही है. बिहार सरकार के मंत्री दलालों से मिलकर जमाखोरी करवाते हैं जिस वजह से राज्य में यूरिया किल्लत का सामना किसानों को करना पड़ा है. बिहार सरकार पर यह गंभीर आरोप केंद्रीय मंत्री भगवंत खुबा ने लगाया है. केंद्रीय रसायन और उर्वरक एवं नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री भगवंत खुबा ने शुक्रवार को पटना में आंकड़ों के साथ नीतीश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि बिहार के मंत्री झूठे आंकड़े बनाकर स्टॉक की कमी का रोना रो रहे हैं. 

उन्होंने कहा कि राज्य में सत्तासीन लोग कालाबाजारियों के साथ हाथ मिलाकर यूरिया की किल्लत जानबूझकर कराए हुए हैं. भारत सरकार सिर्फ 262 रुपए में यूरिया देती है लेकिन बिहार सरकार द्वारा कालाबाजारियों पर नकेल नहीं कसने के कारण किल्लत हुई है. मजबूरी में किसानों को कहीं अधिक पैसा देकर यूरिया खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है. इसी तरह मोदी सरकार 1350 रुपए में डीएपी की आपूर्ति करती है. लेकिन, कालाबजारी के कारण किसानों को कमी का सामना करना पड़ता है. 

खुबा ने दावा किया कि प्रत्येक मंगलवार को उनके मंत्रालय की ओर से हर राज्य के साथ बैठक की जाती है. उनके पास मौजूदा खाद स्टॉक का ब्यौरा लिया जाता है. साथ ही उनकी मांग क्या है इसे भी जाना जाता है और उसी अनुरूप आपूर्ति की जाती है. उन्होंने आंकड़े दिखाते हुए कहा कि बिहार की ओर से जो भी मांग रही है उस अनुरूप आपूर्ति की गई है. इसलिए खाद किल्लत के लिए केंद्र पर आरोप लगाना बेबुनियाद है. यह राज्य सरकार द्वारा कालाबाजारियों से हाथ मिलाने के कारण हुआ है. 

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश के किसानों के हित में बड़े स्तर पर सब्सिडी देती है. यूरिया किल्लत को रोकने के लिए सबसे पहले कालाबाजारी पर रोक लगाने की जरूरत है. 


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