नीतीश कुमार ने फिर किया अमित शाह से मिलने से परहेज ... अपनी जगह बैठक में शामिल होने भेजा तेजस्वी को

नीतीश कुमार ने फिर किया अमित शाह से मिलने से परहेज ... अपनी जगह बैठक में शामिल होने भेजा तेजस्वी को

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लंबे अरसे से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सीधी मुलाकात नहीं की है. शनिवार को एक बार फिर से ऐसा ही हुआ जब सीएम नीतीश गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता वाली एक बैठक से दूर रहे. दरअसल, पश्चिम बंगाल के हावड़ा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों के साथ पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक की अध्यक्षता की. इसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल हुए. वहीं बिहार से उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी इसमें राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. दो घंटे चलने वाली इस बैठक में ओडिशा के दो मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी हिस्सा ले रहे हैं. केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला भी बैठक में शमिल हुए हैं.

केंद्र और राज्य के संबंधों के बीच तनाव के माहौल में हो रही इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ गैर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की उपस्थिति में इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. लेकिन बैठक में नीतीश कुमार का नहीं जाना और उनकी जगह तेजस्वी यादव और विजय कुमार चौधरी के जाने से कई कयासबाजी शुरू हो गई है. चुकी यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है कि वे अपनी जगह किसी को प्रतिनिधि बनाकर भेज सकते हैं, इसलिए नीतीश ने तेजस्वी को वहां भेजा है. 

पिछले कुछ महीनों पर नजर डालें तो कई ऐसे मौके आए जब नीतीश कुमार ने पीएम मोदी और अमित शाह की बैठकों से खुद को दूर किया. हाल ही में जी 20 को लेकर पीएम मोदी की ओर से बुलाये गये बैठक में भी नीतीश कुमार शामिल नहीं हुए थे. लेकिन बाद में ऑन लाइन मीटिंग में वह शामिल हुए थे और अब फिर वह ईस्टर्न जोनल सिक्युरिटी काउंसिल की मीटिंग नहीं गए हैं. इसलिए नीतीश के इस निर्णय को उनका शाह से मिलने से परहेज के रूप में भी देखा जा रहा है. 

दरअसल, बैठक में बिहार से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा होगी. इसमें डीवीसी के पानी को लेकर हर साल पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड के बीच विवाद होता है. महानदी के पानी को लेकर फिर से ओडिशा और बिहार के बीच विवाद है. इन पर चर्चा होने के साथ ही पश्चिम बंगाल से गौ तस्करी और बीएसएफ पर चर्चा हो सकती है. पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर बंगाल करने का प्रस्ताव अब तक क्यों मंजूर नहीं हुआ इसे भी  ममता बनर्जी भी उठा सकती हैं. एजेंडे में 40 सीमा मुद्दे हैं. इसके अलावा फ्रेट कॉरिडोर बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण, वन, खनन समेत करीब 40 मुद्दे एजेंडे में हैं. 



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