तोड़फोड़ की राजनीति! नीतीश कुमार के दल ने बसपा-लोजपा विधायकों को तोड़ा था, राजद-कांग्रेस के MLC पर की थी सर्जिकल स्ट्राइक

तोड़फोड़ की राजनीति! नीतीश कुमार के दल ने बसपा-लोजपा विधायकों को तोड़ा था, राजद-कांग्रेस के MLC पर की थी सर्जिकल स्ट्राइक

PATNA: मणिपुर में जेडीयू के 6 में 5 विधायकों को भाजपा ने तोड़कर अपने पाले में मिला लिया है। इस खबर के बाद जेडीयू नेतृत्व तिलमिला गया है। जैसे ही यह खबर मिली पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह समेत पूरी पार्टी भाजपा के खिलाफ आग उगलने लगी। ललन सिंह ने अपने पूर्व सहयोगी दल बीजेपी पर गंभीर टिप्पणी की। कहा कि मणिपुर में जदयू के विधायकों को तोड़ने के लिए भाजपा ने धनबल का प्रयोग किया. वैसे बिहार का इतिहास बताता है कि नीतीश कुमार की पार्टी भी तोड़फोड़ में ही विश्वास करती रही है। 2020 चुनाव के बाद जेडीयू जब 43 विधायकों पर सिमट गई तो तोड़फोड़ का सहारा लेकर संख्या 45 पर पहुंचाई। बसपा और लोजपा के एक-एक विधायकों को तोड़कर जेडीयू अपने पाले में मिला लिया। यानी 2020 विधानसभा चुनाव के बाद जेडीयू ने बिहार विधानसभा से लोजपा और बसपा को खत्म करा दिया,वहीं बीजेपी ने वीआईपी को खत्म किया। इससे पहले जेडीयू अपने वर्तमान सहयोगी राजद पर सर्जिकट स्ट्राइक कर चुका है। हाल ही में राजद ने भी एआईएमआईएम के पांच में चार विधायकों को तोड़कर अपने पाले में कर चुकी है। बिहार बीजेपी वीआईपी के तीन विधायकों को तोड़कर दल में शामिल करा चुकी है। 

बसपा और लोजपा का विस से हो चुका है खात्मा  

2020 विधानसभा चुुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के टिकट पर एक भी मुस्लिम विधायक चुन कर नहीं आये थे। लिहाजा जेडीयू की नजर बसपा के एकमात्र विधायक जमां खान पर टिक गई। जमा खान को पार्टी में मिला लिया गया। जेडीयू में शामिल होते हीं उन्हें मंत्री बना दिया गया। इसके बाद 2021 में नीतीश कुमार ने लोजपा के एकमात्र विधायक राजकुमार सिंह को अपने दल में शामिल करा लिया। इसके बाद जेडीयू ने लोजपा के सांसदों में सेंधमारी की कोशिश की। बताया जाता है कि नीतीश कुमार की पार्टी चिराग पासवान को छोड़ बाकी के 5 सांसदों को अपने पाले में लाने की कोशिश में जुटी थी। पशुपति पारस के नेतृत्व में पांच सांसदों ने बगावत किया। उन सांसदों को नीतीश कुमार अपने दल में शामिल कराने में विफल रहे. कहा जाता है कि बीजेपी ने नीतीश कुमार के मिशन में अडंगा लगा दिया और लोजपा के पांच सांसदों को अलग गुट की मान्यता दिया दी।

2020 में ललन सिंह के नेतृत्व में राजद पर सर्जिकल स्ट्राइक  

नीतीश कुमार अब महागठबंधन के हिस्सा हो गये हैं। जेडीयू ने राजद और कांग्रेस दोनों को डंसने का काम किया है। नीतीश कुमार की पार्टी ने जून 2020 में राजद पर सर्जिकल स्ट्राइक किया था। वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह की अगुआई में राजद के खिलाफ जेडीयू का सफल सर्जिकल स्ट्राइक हुआ और पांच विधान पार्षदों को रातोंरात अपने पाले में मिला लिया। उस दिन राष्ट्रीय जनता दल में बड़ी टूट हुई थी। 5 विधान पार्षदों ने राजद का साथ छोड़ जेडीयू का दामन थाम लिया था। इनके नाम हैं राधा चरण सेठ, संजय प्रसाद, रणविजय सिंह, दिलीप राय और कमरे आलम.


मार्च 2018 में कांग्रेस के चार एमएलसी को तोड़ा था

इसके पहले नीतीश कुमार ने कांग्रेस में सेंधमारी की थी.1 मार्च 2018 को  बिहार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अशोक चौधरी सहित कांग्रेस के चार विधान पार्षदों ने सीएम और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश के समक्ष जेडीयू की सदयस्ता ग्रहण की थी. इस दौरान अशोक चौधरी ने कहा कि हम सभी मिल कर नीतीश कुमार के हाथों को मजबूत करेंगे. अशोक चौधरी के साथ एमएलसी दिलीप चौधरी, तनवीर अख्तर और रामचंद्र भारती ने भी जदयू का दामन थाम लिया था। तब नीतीश कुमार ने वर्तमान की सहयोगी कांग्रेस को भारी नुकसान पहुंचाया था। 

बीजेपी पर बरसे ललन सिंह

मणिपुर में पांच विधायकों को खोने के बाद जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि अगर विपक्षी विधायकों को तोड़ने के लिए प्रधानमंत्री की पार्टी धनबल का प्रयोग कर रही है तो यह उनका सदाचार है. वहीं विपक्षी पार्टी अगर एक मंच पर आ रही है तो यह भ्रष्टाचार है. जितने दागी लोग बीजेपी में चले जाएं तो वह साफ-सुथरे और धुले हुए हो जाते हैं. उन्होंने कहा कि 2024 में जदयू राष्ट्रीय पार्टी बनेगी चाहे बीजेपी इसे रोकने के लिए कितनी भी कोशिश कर ले. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2015 विधानसभा चुनाव में बिहार में 42 जनसभा किए थे और भाजपा को सिर्फ 53 सीट पर जीत मिली. उन्होंने कहा कि जदयू की चिंता बीजेपी छोड़ दे. लोकसभा चुनाव 2024 की चिंता बीजेपी करे क्योंकि जुमलेबाज देश से विदा हो रहे हैं.

बीजेपी ने नीतीश कुमार को घेरा 

जबाव बीजेपी ने भी दिया है. बीजेपी ने नीतीश कुमार से पूछा कि जब कांग्रेस-राजद को तोड़ा तब लोकतंत्र अच्छा था? बीजेपी एमएलसी नवल किशोर यादव ने जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि जिसके अंदर लोकलाज नहीं वो लोकलाज और नीति की बात करता हो यह बड़ी हंसी की बात है। बीजेपी प्रवक्ता ड़ा. रामसागर सिंह ने सीएम नीतीश पर तंज कसते हुए कहा कि मणिपुर के विधायकों ने आपके पलटू नीतियों के खिलाफ हो गये। आप बिहार में पलटकर राज्य के विकास की गाथा लिख रहे हैं। मणिपुर के पांचों विधायक पलटकर राज्य की विकास की गाथा लिखेंगे। उन्होंने कहा कि अगर आपलोग पलटू नीति को आगे बढ़ायेंगे तो आगे और भी खामियाजा भुगतना पड़ेगा।  


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