नीतीश सरकार के मंत्री जी की बेवशी, कहा-सिफारिशी पत्र मत लिखवाईए, चिट्ठी पढ़कर फेंक देता है

नीतीश सरकार के मंत्री जी की बेवशी, कहा-सिफारिशी पत्र मत लिखवाईए, चिट्ठी पढ़कर फेंक देता है

PATNA : नीतीश सरकार में एक से अधिक विभागो के काम से दबे एक मंत्री जी ने अपने ही विभाग के सिस्टम के आगे हथियार डाल दिया है। तभी तो अपने यहां आने वाले आगंतुकों से काम की बात सुनते ही हाथ जोड़ लेते हैं। मंत्री जी कहते हैं कि सिफारिशी चिट्ठी लिखवाकर हमे और भी शर्मिदा ना करें। क्योंकि हमारा चिट्ठी पढ़ने के बाद बगल मे रखे डस्टबिन मे डाल दिया जाता है।

मामला कुछ दिन पहले की है। जब एक मंत्रीजी के इलाके का एक संभ्रांत व्यक्ति उनके आवास पर पहूंचा। वह शख्स  मंत्री जी के पुराने दिनों का साथी था। काफी दिनों के बाद दोनों की मुलाकात हुई थी। कुशल क्षेम पुछने के बाद काम की बात की बारी आई। उस उम्रदराज व्यक्ति ने जब मंत्रीजी के सामने काम बताया तो मंत्री जी की सारी खुशी अचानक काफूर हो गई।

मंत्रीजी ने कहा, अब और शर्मिंदा न करें

उन्होंने सीधे हाथ जोड़ते हुए कहा कि अब और शर्मिदा ना करें।लेकिन वह व्यक्ति बड़ी आश लेकर मंत्रीजी की दरबार मे हाजिर हुआ था। लिहाजा सिफारिशी चिट्ठी लिखने की जिद पर अड़ गया। मंत्री कहते रहे कि चिट्ठी लिखने से कोई फायदा नहीं होने वाला। आप जो काम कराने की बात कह रहे उस टाईप काम के लिए हमने कई चिट्टीयां लिखी, मगर अफसोस एक का भी काम नही हुआ।

मंत्री जी ने अपने खास सहयोगी के समक्ष खुद ही खुलासा किया कि जो जानकारी मिली है वह शर्मिंदा करने वाली है। हमारा सिफारिशी पत्र को पढ़कर एक संस्थान के अधिकारी सीधे नीचे फेंक देता है। वे सबकुछ जानते हुए भी चुप हैं क्योंकि कोई कार्रवाई सीधे तौर पर नही कर सकते। आप एक बार फिर से हमारा इज्जत क्यों लेने पर तुले हैं? लेकिन वह व्यक्ति नही माना। आखिरकार मंत्रीजी उस उम्रदराज व्यक्ति की बात रखते हुए सिफारिशी चिट्ठी तो लिख दी, लेकिन जाते-जाते मंत्रीजी कहते रहे की काम तो नही ही होगा, लेकिन एक बार फिर से हमारी बेइज्जती जरूर होगी।

बता दें कि ये माननीय पहली बार नीतीश सरकार में मंत्री बने है। 

विवेकानंद की रिपोर्ट

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