नीतीश- ललन से सौ गुणा बेहतर समाजवादी हैं 'उपेन्द्र कुशवाहा', CM नीतीश की ठगी के हो गए शिकार

नीतीश- ललन से सौ गुणा बेहतर समाजवादी हैं 'उपेन्द्र कुशवाहा', CM नीतीश की ठगी के हो गए शिकार

PATNA: बिहार की राजनीति में बीजेपी और जेडीयू में शह-मात का खेल जारी है। जेडीयू संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने दावा किया है कि पहले बीजेपी अछूत थी. जेडीयू ने ही भाजपा को छूत बनाया। इसके बाद बिहार बीजेपी ने उपेन्द्र कुशवाहा पर प्रहार किया है,साथ ही चुटकी भी ली है। बीजेपी ने कहा है कि उपेन्द्र कुशवाहा तो नीतीश कुमार और ललन सिंह से सौ गुणा बेहतर समाजवादी हैं लेकिन वे नीतीश की ठगी के शिकार हो गये. 

उपेंद्र कुशवाहा के जेडीयू द्वारा बीजेपी को अछूत से छूत बनाने के बयान पर भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं बिहार भाजपा प्रवक्ता डॉ० निखिल आनंद ने कहा कि क्या उपेंद्र जी शिक्षा राज्यमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी सरकार में गंगा नहाने गए थे ? बिहार भाजपा प्रवक्ता डॉ० निखिल आनंद ने कुशवाहा के इस बयान को हास्यास्पद करार दिया है कि जेडीयू ने बीजेपी को अछूत से छूत का दर्जा दिलाया। उन्होंने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा का यह बयान उनकी कुंठा को अभिव्यक्त करता है, क्योंकि जेडीयू में इन दिनों वे खुद दरकिनार कर अछूत बना दिए गए हैं। वे जेडीयू में नीतीश जी के बाद पार्टी का कमान संभालने गए थे . लेकिन उनको पार्टी में पांचवें- छठवें नंबर पर खड़ा कर दिया गया। उपेंद्र जी को अपने भीतर झांककर अपनी क्षमता को पहचानना चाहिए और जदयू में पिछलग्गू की भूमिका से बाहर निकल कर पार्टी की कमान संभालना चाहिए।

निखिल आनंद ने कहा कि बिहार के समाजवादियों की फेहरिश्त में लोहिया- कर्पूरी की विरासत परंपरा के नीतीश कुमार और ललन सिंह जैसे लोगों से सौ गुणा ज्यादा बेहतर प्रतिनिधि उपेंद्र कुशवाहा हैं। लेकिन दुर्भाग्य यह है कि नीतीश जी ने उपेंद्र जी को ठग कर रालोसपा खत्म कराया और फिर विरासत सौंपने का झांसा देकर वैचारिक क्षमता वाले एक शानदार व्यक्ति को प्रवक्ता बनाकर तेजस्वी के पीछे खड़ा करा दिया। उपेंद्र कुशवाहा बार-बार नीतीश कुमार जी के झांसे में आकर उनकी ठगी के शिकार हो जाते हैं।

निखिल आनंद ने कहा कि नीतीश कुमार और ललन सिंह जेपी आंदोलन की सबसे कमजोर कड़ी रहे हैं। यही नहीं नीतीश कुमार और ललन सिंह बिहार के सबसे ज्यादा नॉन- कमिटेड समाजवादी लोग रहे है। समाजवादी मूल्यों को लेकर संघर्ष करने के मामले में नीतीश कुमार और ललन सिंह अपने को उपेंद्र कुशवाहा जी के घुटने के बराबर नहीं आंक सकते हैं। निखिल आनंद ने उपेंद्र कुशवाहा से पूछा कि नरेंद्र मोदी सरकार में केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री के तौर पर आपने जो अच्छा काम किया तो क्या मानते हैं कि आप वहां गंगा नहाने गए थे? शिक्षा राज्यमंत्री के तौर पर आपने जो केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन लेने की मुहिम नीतीश कुमार के खिलाफ छेड़ी थी उसका क्या हुआ? क्या नीतीश कुमार जी ने उन सभी केंद्रीय विद्यालयों के लिए जमीन मुहैया करा दी है?

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